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Thu. May 7th, 2026

हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णाेद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया। मुख्यमंत्राी ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक फ्हिमाद्रिय् केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित जीपे आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार पिफर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चौंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार ‘एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी’ की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडियाय् और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सपफल आयोजन से उत्तराऽंड को फ्देवभूमिय् के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के अध्किारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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