Breaking
Thu. Apr 23rd, 2026

उत्तराखण्ड में आयुष विभाग का विस्तार, ब्लॉक स्तर पर योग-वेलनेस सुविधाएं शुरू होंगी 

देहरादून। मंत्री ने कहा कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग राज्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग है जिसके अंतर्गत राज्य में 3 राजकीय परिषर 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय, 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय के साथ अन्य अनेक संस्थाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को लेकर कुछ समस्याओं पर आज समीक्षा की गयी है जिसको लेकर महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निवारण हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने अध्किारियों को यह भी निर्देश दिया कि अन्य विभागों के साथ बैठक कर जल्द ही समस्याओं का समाधन किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में स्थित धर्मशालाओं तथा बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने को लेकर अधिकारियों से योजना बनाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी नीति बनाये जिससे जनमानस को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाध्न के तौर पर स्थापित करना हमारा संकल्प है। मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग ब्लॉक स्तर तथा न्याय पंचायत स्तर पर वैलनेस तथा योग एवं पंचकर्म जैसी सुविधओं को जोड़ने हेतु अवधारणा लागू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की जिसमें शिक्षा तथा शोध के कार्यों पर चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े हुए सभी प्रकरणों की बिन्दुवार समीक्षा की जाए तथा उचित समाधान निकाला जाए। आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 852 चिकित्सालय तथा 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर तथा 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं इसके साथ ही फार्मासिस्ट, नर्स एवं सहायक उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रिक्त पदों पर अधियाचन भेजें तथा रिक्तियों को पूर्ण करने का कार्य किया जाए।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *