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Thu. Apr 23rd, 2026

फर्जी खबरों से बचें, केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करेंः आईओसीएल 

देहरादून। सोमवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की। डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड ;डीएसीद्ध आधारित एलपीजी डिलीवरी पफरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई। मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है। इस राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता में बताया गया है कि भारत अपनी कच्चे तेल ;क्रूड ऑयलद्ध की लगभग 80» जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, और पूरी स्थिति पर नजदीकी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो। आईओसीएल, उत्तराखंड की तरफ से बताया गया कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी जा रही है। एलपीजी के संदर्भ में, भारत की लगभग 60» आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिपफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराऽंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है। लगभग 85» बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड डीएसी का कार्यान्वयन भी 85» तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाऽ प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन ;लगभग 85»द्ध रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाऽ प्रति माह है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन ;लगभग 55»द्ध हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।

एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराऽंड मेंः

5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई।

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई।

मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई।

5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई।

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई।

मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई।

पिफलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ;च्डन्ल्द्ध के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।

ईंध्न आपूर्ति की स्थिति ;पेट्रोल और डीजलद्ध की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध् हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें आईओसीएल- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431,पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, एचपीसी- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, त्प्स्- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और छंलंतं के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल डै के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल एचएसडी के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है। पेट्रोल में 2» और डीजल में 6» की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है।

सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्रा में राज्य में 5 सीजीडी- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में गेल गैस, उधम सिंह नगर में अदानी गैस प्राइवेट लिमिटेड, हरिद्वार में एचएनजीपीएल और नैनीताल में एचपीसीएल शामिल हैं। राज्य में सीएनजी, घरेलू पीएनजी और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक पीएनजी की आपूर्ति में कोई बाध या प्रतिबंध् नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। 1 मार्च से अब तक 1,388 पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से पिछले दिन 40 कनेक्शन जोड़े गए, और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है।

उत्तराखंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।

विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं फेक न्यूज को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी ऽबरों का ऽंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-ी नंबर भी जारी किए हैं।

आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंध्न का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया।

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