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Fri. Mar 6th, 2026

प्रतापनगर की जनता एवं विधायक पहाड़ों की गूंज का सहयोग कर गैरसैंण विधान सभा सत्र में सरकार का ध्यान आकर्षित करें

पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ने प्रतापनगर टिहरी बांध प्रभावित आंदोलन में अबतक 56 लाख रुपए की की विज्ञप्ति कर आंदोलन को जीवित रखे हैं इसे सफल बनाने में सभी सहयोग कीजिएगा

दिसंबर 25 को गंगोत्री मुख्य मठ मुखवा में मां से सभी को सुख समृद्धि देने,सद बुद्धि देने के  एंडलिए प्रार्थना की

आप सभी से आग्रह है कि हमने टिहरी बांध बनाने में राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया है। यह हमारे लिए कष्ट दायक होता जा रहा है। पशुओं की भी सेवा सरकार कर रही है और प्रतापनगर में महिलाओं की मौत प्रसव पीड़ित होने की दक्षा में हो रही है।यदि आप टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर गाजना क्षेत्र को बांध प्रभावित होने की परेशानी को दूर करने के लिए हमारे प्रयास को मजबूती प्रदान करना चाहते हैं तो आंदोलन के फल स्वरूप 5 लाख रुपए देने का समझौता DM सचिन कूरवे जी THDC से कराया था जिसे धन राशि की कमी होना बता कर लागू नहीं किया गया अब बांध ने अपनी लागत का ऋण दे दिया है।

हमें विश्व बैंक के माध्यम से अपनी समस्या सुधारने हेतु प्रति परिवार 5 लाख रुपए ब्याज रहित, प्रत्येक बेरोजगार को होम स्टेट और रोजगार के लिए आवश्यकता अनुसार ऋण देने की कार्यवाही करानी है। आप लोग दुनिया में 12 देशों से ज्यादा आबादी के लोगों में है। आप से बिनती है कि आंदोलन को मजबूती से आगे सफ़ल होना देखना चाहते हैं और पीड़ितों की आवाज को एक मंच देना चाहते है।

तो आप पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र के आखरी पने पर समझौता 2009 को लागू करने के लिए 2011 से लगातार साल में 52 अंकों में प्रकाशित करते आ रहे हैं जिसका कि प्रति अंक 5643 रूपये 52 को 15 वर्ष की विज्ञप्ति की 55,75,284 छप्पन लाख रुपए का कार्य डाक व्यय सहित किया। आगे अपनी सफलता पर हमने विश्वास करते हुए 5643 रूपये खर्च कर कर रहे हैं

और अखबार को देश की जनता ,सरकार  को भेजा जाता है।

और अभी भी प्रति सप्ताह कर रहे हैं।इस समाचार पत्र के माध्यम से आंदोलन को मजबूत करने में अपना सहयोग ,योगदान वहां का निवासी होने के नाते अपने विवेक व बिना किसी दबाव में paytm no 9456334283 पर करने का कष्ट करे।आपका योगदान हमारे आंदोलन को सफल बनाने हुए इलाके के लिए महत्वपूर्ण है । टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर के हमारे गांव से 77 परिवारों ने पलायन कर दिया है।

ऐसे प्रत्येक गांव की स्थिति है हमारा पिछड़े वर्ग में आने के लिए वर्ष 1991 अगस्त महीने गंगोत्री से दिल्ली तक सद्भावना पद यात्रा में फिकवाल की पहचान गंगा जल कलश लेकर 22 दिवसीय पद यात्रा की गई । गंगा जल कलश श्री हरीश रावत जी को भेंट किया गंगा जी की कृपा देखिए उनको मुख्यमंत्री बना कर उन्हीं के कर कमलों से हमें फिकवाल घोषित किया गया है भगवान श्री बद्रीविशाल जी हमारी प्रार्थना जरूर पूरी करते हैं। टिहरी बांध जहां देश के लिए वरदान साबित हो रहा है वही हमारे लिए हमारी पलायन करने से हमारी पहचान समाप्त हो रही है। हम विश्व में 12 देशों से ज्यादा आबादी के लोग हैं। इस लिए विश्व बैंक से हम अपने सभ्यता संस्कृति बचाने हेतु न मांग करेंगे । गैरसैंण विधान सभा सत्र में इस बात को प्रतापनगर के विधायक श्री बिक्रम सिंह नेगी को उठाने के लिए सुझाव देते हैं। उन्हीं के समय हमें फिकवाल घोषित करने की आवश्यकता महसूस हुई और उन्होंने किया है।

और 2014 -15 में श्री हरीश रावत जी ने प्रतापनगर को  संवैधानिक अधिकार दिया है जो अभी केंद्र सरकार से मिलना है।वहीं समस्या से भागने पलायन न करने, समस्या को सुधारने हेतु कार्यवाही करने की ताकत आने वाली पीढ़ी को मिलेगी 🙏

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