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हमारा अस्त्र ‘शास्त्र’ और ‘संवाद’ है, हिंसा नहीं । ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८

Our weapons are ‘scripture’ and ‘dialogue’, not violence. Jyotishpeethadhishwara Shankaracharya Swamishri Avimukteshwarananda Saraswati
8 मार्च 2026

हमारा अस्त्र ‘शास्त्र’ और ‘संवाद’ है, हिंसा नहीं ।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’

#काशी से #रायबरेली पहुँचकर रात्रि-विश्राम किया

गौ-गंगा पूजन के बाद चिंतामणी गणेश जी के दर्शन कर शंकराचार्य जी गौभक्तों के साथ रवाना
-11 मार्च को होगा गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद
रायबरेली। ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित प्रातःस्मरणीय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ ने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में होने वाले ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध के शंखनाद’ के लिये यात्रा शुरू कर दी है। शनिवार सुबह काशी में उन्होंने गौमाता का पूजन किया और मठ से पालकी में सवार होकर चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे, जहां पूजा- अर्चना के बाद संकटमोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जी दर्शन कर हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का पाठ कर रायबरेली की लिये रवाना हुए। शुक्रवार शाम को काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो- ब्राह्मण प्रतिपालक’ वीर शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर मां गंगा व शिवाजी महाराज का पूजन कर गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद का संकल्प लिया गया।
-लखनऊ में आंदोलन की दिशा तय होगी
यात्रा पर रवाना होने से पहले शंकराचार्य जी ने मीडिया से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही देश में गौमाता की रक्षा के लिए ‘धर्मयुद्ध’ शुरू करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार के सामने ही गौमाता को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ नाम से बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के साधु- संत शामिल होंगे। इस सभा में आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
-सरकार के पास अभी भी चार दिन का समय
परमाराध्य ने कहा कि स्वयं को असली हिन्दू के रूप में प्रतिष्ठापित करने या नकली हिन्दू के रूप में ख्यापित होने के लिये आदित्यनाथ योगी जी को दिए गए 40 दिनों के समय में से 36 दिन पूर्ण हो चुके हैं। प्रेस वार्ताओं के माध्यम से उन्हें निरंतर सचेत किया गया, किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि पिछले दिनों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। हमारे द्वारा दिए गए गौ माता को राज्यमाता घोषित करने और उत्तरप्रदेश से बीफ निर्यात पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाने जैसे दो मुख्य कार्यों (Task) और गोहत्या निरोध में सहयोगी ‘पंचसूत्रीय माँगपत्र’ पर उनकी सरकार, सत्ताधारी दल और उनके उत्तरदायी नेताओं की चुप्पी उनकी गो-भक्त विरोधी मानसिकता को अब तक तो पुष्ट करती ही नजर आ रही है। या यूं कहें कि अब सारी अपेक्षाएँ शेष 3 दिनों पर टिकी हैं।
-हमारा अस्त्र ‘शास्त्र और संवाद’ है, ‘हिंसा’ नहीं
महाराजश्री ने कहा कि हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ पूर्णतः अहिंसक और वैचारिक होगा। हमारा अस्त्र ‘शास्त्र और संवाद’ है, ‘हिंसा’ नहीं। हम सत्ता को उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी का स्मरण कराने हेतु शांतिपूर्ण मार्ग से यानी आज से लखनऊ की ओर ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ पर निकल चुके हैं। यदि इन 3 दिनों में निर्णय नहीं हुआ, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार, संबंधित राजनीतिक दल और उनके नेतृत्व की होगी।
जौनपुर, सुल्तानपुर गौरीगंज होते हुऐ शंकराचार्य जी का भारी भरकम काफिला शाम 7.30 बजे रायबरेली पहुंचा। इस दौरान जगह- जगह हजारों की संख्या में लोगों ने शंकराचार्य जी भगवान का स्वागत किया। लोगों में शंकराचार्य जी महाराज के दर्शन करनी के लिये उनके नजदीक आने की होड़ लगी थी। पूरा माहौल गौमाता राष्ट्रमाता के नारों व शंकराचार्य जी के जयकारों से गूंज उठा। महाराज जी ने सभी को आशीर्वाद दिया और अपनी यात्रा का उद्देश्य बताया।
-यहां- यहां हुआ स्वागत
बाबतपुर हाईवे पर आनन्द प्रकाश जी जायसवाल, ऋषि जी यादव व अन्य श्रद्धालुओं के नेतृत्व ने सैकड़ों लोगों ने महाराज जी फूलों से स्वागत किया।
जमदग्नि आश्रम जमेठा में शंकराचार्य जी महाराज ने जमदग्नि ऋषि का पूजन कर वहां मौजूद भक्तों को संबोधित किया। पूरा आश्रम गौमाता व भगवान शंकराचार्य जी के जयकारों से गूंज उठा।
सीहीपुर चौराहा पर रामसूरत जी यादव के साथ सैकड़ों लोगों ने फूल मालाओं से महाराजश्री का स्वागत किया। महाराज जी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए 11 मार्च को लखनऊ आने को बोला।
बदलापुर हाईवे पर अंकुर जी उपाध्याय, प्रांकुर जी व अन्य सैकड़ों लोगों ने महाराजश्री का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।
ढकवा चौराहा पर शंकराचार्य जी महाराज के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगीराज जी के साथ स्वागत के लिये लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
लंभुवा बाजार में हनुमान मंदिर में दर्शन कर शंकराचार्य जी महाराज ने वहां मौजूद हजारों लोगों को संबोधित किया और यात्रा का उद्देश्य बताया। गौमाता राष्ट्रमाता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
दुर्गा देवी मंदिर लोहरा मऊ में योगेश तिवारी व अन्य लोगों ने शंकराचार्य जी भगवान का स्वागत कर उनसे 11 मार्च को लखनऊ आने को कहा।
सुल्तानपुर हाईवे पर अनुराग सिंह जी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने फूल मालाओं व पुष्पवर्षा कर महाराज जी को जोरदार स्वागत किया।
गौरीगंज- अमेठी रोड पर भी महाराज जी का स्वागत करने के लिए पहले से श्रद्धालु मौजूद थे।
गौरीगंज में कृष्णानंद पांडे जी के यहां पादुका पूजन व धर्मसभा का आयोजन हुआ, जहां यात्रा के को-ऑर्डिनेटर व अमेठी के गो- सांसद राकेश तिवारी जी ने माल्यार्पण कर स्वागत किया और वहां उपस्थित शिष्य गणों व विद्वान आचार्य गणों द्वारा मंगलाचरण किया गया। महिलाओं ने आरती उतारी, पुष्प बरसाकर भव्य स्वागत और अभिनंदन वंदन किया गया।
तत्पश्चात गौरीगंज जिला मुख्यालय स्थित देव इंटरप्राइजेज पर जिला पंचायत सदस्य डॉ. केडी सरोज व डॉ. सिंधु जीत सिंह जी द्वारा और गांधी नगर में अनुराग सिंह जी बहादुरपुर जायस में दयाशंकर पांडेय प्रबंधक अष्टभुजा इंटर कॉलेज शाह मऊ तिलोई व चंकी पांडेय जी द्वारा माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ भेंट कर भव्य और दिव्या स्वागत किया गया।
अनाज मंडी के सामने जायस में भी महाराजश्री का जोरदार स्वागत हुआ।
रायबरेली में रानी झलकारी बाई चौराहा के पास यश पाण्डेय जी के निजी निवास पर रात्रि विश्राम किया।
8 मार्च सुबह 8.30 बजे यात्रा लालगंज, मदनखेड़ा होते हुए उन्नाव के लिये रवाना होगी। रात्रि विश्राम उन्नाव में होगा।

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