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31 जनवरी व 1 फरवरी को प्रकृति, पक्षी संरक्षण और पहचान पर केंद्रित रहेगा आयोजन

प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष रहेगा यह दो दिवसीय आयोजन

पौड़ी– प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की पहल पर कोटद्वार स्थित सनेह क्षेत्र में 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में पायी जाने वाली विविध पक्षी प्रजातियों की पहचान कराना तथा आमजन को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करना है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पक्षी प्रजातियों के व्यवहार, प्राकृतिक आवास एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। साथ ही जागरुकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन में जिले के स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आने वाले अनुभवी बर्ड वॉचर भी प्रतिभाग करेंगे।

प्रभागीय वनाधिकारी, लैंसडाउन जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि सनेह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जहां स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की अनेक दुर्लभ प्रजातियां पायी जाती हैं। उन्होंने कहा कि बर्ड वॉचिंग महोत्सव के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ेगी। वन विभाग द्वारा आयोजन के दौरान पक्षी संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा जैव विविधता के महत्व पर विशेष जानकारी दी जाएगी।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि फेस्टिवल में बर्ड-वॉक, प्रकृति भ्रमण, पक्षी पहचान एवं संरक्षण पर आधारित गतिविधियाँ, बर्ड फोटोग्राफी प्रदर्शनी, स्कूली बच्चों हेतु जागरूकता कार्यक्रम तथा स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पाद स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन के माध्यम से बर्ड-वॉचिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सनेह क्षेत्र की जैव विविधता को व्यापक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सनेह क्षेत्र को बर्ड डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान मिलेगी। हरियाली, शांत वातावरण और समृद्ध जैव विविधता से युक्त यह क्षेत्र लंबे समय से पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। बर्ड वॉचिंग महोत्सव से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सनेह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध स्थल है, जहां वर्षभर अनेक प्रजातियों के प्रवासी पक्षी देखे जाते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन में सहभागिता कर प्रकृति, पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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