मानसून सत्र में लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण व हित में अधिनियम लाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए
सीएम ने अधिकारियो को लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए कहा
लोकतंत्रा सेनानियों की सम्मान निधि को बढ़ाया जाएगा- सीएम धामी
सरकार लोकतंत्र सेनानियों की हर समस्या के समाधन हेतु प्रतिबद
लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किये जाएंगे
लोकतंत्र सेनानियों को तत्काल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये जाए- मुख्यमंत्री
देहरादून; सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों की मुद्दों के तत्परता से निस्तारण के लिए शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण व हित में मानसून सत्रा में अधिनियम लाने की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्रा सेनानी सम्मान निधि की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियो को लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए कहा। सीएम ने संबंधित सचिव को लोकतंत्रा सेनानियों को तत्काल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह मिलने वाली सम्मान निधि को बढ़ाने का फैसला लिया था, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों की प्रत्येक समस्या के समाधन हेतु पूर्णतः प्रतिबद है। हम राष्ट्र के प्रति आपके अतुलनीय योगदान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु प्रतिवर्ष लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल लगाये जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सविधान हत्या दिवस 2025 पर मुख्यमंत्राी आवास में लोकतंत्र सेनानियों व उनके परिवारजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री धामी ने आपातकाल में मीसा एवं डीआईआर बंदियों के साथ संवाद किया।
समस्त लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन्होंने आपातकाल के अंधकारमय कालखंड में भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया, उन्हें सम्मानित करना अत्यंत गौरव का अवसर है। लोकतंत्र सेनानियों ने जेलों की कालकोठरियों में रहकर भी लोकतंत्र के दीप को बुझने नहीं दिया।यह लोकतंत्र प्रहरियों के तप, त्याग और अटूट संकल्प का ही परिणाम है, जिसके कारण भारत के प्रत्येक नागरिक के मन में लोकतंत्र के प्रति एकनिष्ठ आस्था विद्यमान है।

आपातकाल संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। 50 वर्ष पूर्व इसी दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था और संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था। और यह सब एक व्यक्ति की हठधर्मिता और तानाशाही रवैए का परिणाम था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को चुनावी भ्रष्टाचार का दोषी ठहराते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता को निरस्त कर दिया गया था। सत्ता छिन जाने के भय से 25 जून की रात को भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में आपातकाल की घोषणा करवा दी गई। भारतीय संसद का गला घोंट दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया और न्यायपालिका की गरिमा तार-तार कर लाखों देशवासियों के मौलिक अधिकारों को रौंद दिया गया। आपातकाल के उन काले दिनों में सत्ता के नशे में चूर तत्कालीन सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं, सैंकड़ों पत्रकारों सहित हर उस आवाज का निर्ममता से दमन किया जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठ रही थी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्राता को कुचल कर पूरे देश को एक खुली जेल बना दिया गया था।मीसा और डीआईआर जैसे काले कानून को थोपकर हजारों लोकतंत्रा समर्थकों को जेलों में ठूंस दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण, श्रद्धेया नानाजी देशमुख और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं ने जेलों में रहते हुए भी लोकतंत्र के प्रति युवाओं में चेतना जाग्रत करने का कार्य किया। सत्ता के दमन का प्रतिकार करते हुए देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रा-छात्राओं ने तानाशाही के विरुद सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र के पक्ष में जनजागरण प्रारंभ कर दिया। दिल्ली, बनारस, इलाहाबाद, पटना, जयपुर, पुणे, बेंगलुरु जैसे कई शहरों के अनेकों शैक्षणिक संस्थानों से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में बदल गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अनेकों सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भी अपनी पूरी शक्ति से लोकतंत्रा को पुनर्जीवित करने के लिए आंदोलन चलाया। हजारों युवाओं ने जेल जाना स्वीकार किया, यातनाएँ सही, लेकिन अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।
आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 के उस आम चुनाव में देश की जनता ने पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार को चुनकर लोकतंत्र की नई सुबह का सूत्रपात किया। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के बाद वो दूसरी सबसे बड़ी जनक्रांति थी जिसने भारत को सत्ता के एकाधिकार से मुक्ति दिलाने का कार्य किया था।हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं आपातकाल के समय भूमिगत रहकर लोकतंत्र की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। यही कारण है कि उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराने हेतु 25 जून को संविधन हत्या दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सत्ता को सेवा का माध्यम मानकर प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण हेतु योजनाबद तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान हेतु पूर्ण रूप से संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज हमने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, आज प्रदेश भर में आपातकाल के विरुद हुए इस महान आंदोलन के बारे में हमारी युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रदर्शनियों को आयोजित किया जा रहा है।
उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे। हम हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। एसडीजी रैंकिंग में हम प्रथम स्थान पर रहे है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, सचिव शैलेश बगौली, लोकतंत्र सेनानी कृष्ण कुमार अग्रवाल, प्रेम बड़ाकोटी तथा बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे ।

दून विहार में स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके पर भड़के स्थानीय उपभोक्ता
दून विहार राजपुर रोड में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने राजपुर बिजलीघर में एसडीओ कार्यालय का घेराव कर घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के दौरान की जा रही मनमर्जी पर आक्रोश व्यक्त किया। एसडीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। दून विहार की पार्षद मीनाक्षी नौटियाल, संजय नौटियाल, राधाकृष्ण मंदिर समिति अध्यक्ष जेपी उिमरी, दून विहार आवासीय समिति सचिव अरुण शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने एसडीओ एसबी यादव के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की बिना जानकारी के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर लगाने में बहुत अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है।
किसी के घर में बिना पूर्व सूचना दिए और अंदर घुसकर मीटर बदला जा रहा है। किसी का नया मीटर लगा दिया, पुराना भी नहीं हटाया, कुछ जगह मीटर लगाने के बाद सीलिंग प्रमाण पत्रा नहीं दिया गया है और ना ही सीलिंग प्रमाण पत्र में उपभोक्ता के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। कुछ जगह घर के मीटर की तार दूसरे के घर की ओर मोड़ दी गई या दूसरे के मीटर से जोड़ दी गई है। कुछ जगह किसी के घर के मीटर का सीलिंग प्रमाण पत्र सामने वाले घर में दिया गया है। नए जो मीटर लगाए गए हैं, उनमें रीडिंग में भी काफी बढोत्तरी हो रही है। जिससे आगामी बिल बहुत ज्यादा बढ़कर आने की संभावना है। एसडीओ राजपुर एसबी यादव ने सम्बंधित कंपनी के ठेकेदार को सभी समस्याओं के समाधन के लिए एक हफ्रते का समय दिया गया है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में बीके नेगी, उदयवीर सिंह, अजय सिंह, मदन पंवार, मीना पंवार, योगेन्द्र चौध्री, आभा जैन आदि मौजूद रहे।

