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धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में 1035 सहायक अध्यापकों (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिनमें 17 विशेष शिक्षक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि सभी युवा शिक्षक राज्य में शिक्षा का स्तर बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आज से आपके कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है। जब किसी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिलती है, तो वह केवल अपना जीवन ही नहीं संवारता, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अमूल्य योगदान देता है। शिक्षक देश के उज्ज्वल भविष्य के शिल्पकार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना भी विकसित करें, जिससे वे शिक्षा के साथ संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक भी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने से लेकर डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास तक हर स्तर पर व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के आत्मसम्मान की जीत है। इन साढ़े चार वर्षों में जितनी नौकरियां युवाओं को मिली हैं, वह राज्य गठन के बाद और पूर्ववर्ती सरकारों के समय से दो गुना से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में शिक्षा विभाग में 11 हजार 500 से अधिक नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। 3 हजार 500 से अधिक विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिसमें प्रवक्ता एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों सहित समग्र शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न पद शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसके तहत विद्यालयों में हाइब्रिड मोड़ में स्मार्ट क्लास का संचालन, कम्प्यूटर लैब, विभिन्न विषयों की आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएं शामिल है। इसके अलावा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ रावत ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निरंतर मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। डॉ रावत ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करेंगे व शिक्षा के क्षेत्र में अनुपम उदाहरण पेश करेंगे।

इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक कंचन देवराड़ी उपस्थित थे।

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