लक्ष्य न्यूज़ https://laxyanews.com लक्ष्य न्यूज़ उत्तराखण्ड Tue, 21 Jul 2026 11:13:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 230800331 केंद्रीय संचार ब्यूरो देहरादून का तीन दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम चकराता में https://laxyanews.com/uttarakhand/central-bureau-of-communication-dehraduns-three-day-outreach-program-in-chakrata/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=central-bureau-of-communication-dehraduns-three-day-outreach-program-in-chakrata https://laxyanews.com/uttarakhand/central-bureau-of-communication-dehraduns-three-day-outreach-program-in-chakrata/#respond Tue, 21 Jul 2026 11:13:21 +0000 https://laxyanews.com/?p=56341 देहरादून। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा 21 से 23 जुलाई, 2026 तक चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में ष्विकसित भारत गारंटी पफॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण विषय पर तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास एवं आजीविका संबंधी पहलों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा विकसित भारत के संकल्प में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून के कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने सोमवार को चकराता में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम के दौरान आकर्षक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शनी में विकसित भारत की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों तथा नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ पर विशेष जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सूचनात्मक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में जौनसार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से आगंतुकों का परिचय कराएँगी।

कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपील की है कि वे 21 से 23 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11ः00 बजे से सायं 4ः00 बजे के बीच चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ें।

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अग्निवीर रोजगार सेल का रोडमैप तैयार, 50 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार की होगी व्यवस्था https://laxyanews.com/uttarakhand/roadmap-for-agniveer-employment-cell-ready-employment-avenues-to-be-created-across-more-than-50-sectors/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=roadmap-for-agniveer-employment-cell-ready-employment-avenues-to-be-created-across-more-than-50-sectors https://laxyanews.com/uttarakhand/roadmap-for-agniveer-employment-cell-ready-employment-avenues-to-be-created-across-more-than-50-sectors/#respond Tue, 21 Jul 2026 11:10:20 +0000 https://laxyanews.com/?p=56338 देहरादून। सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित अग्निवीर रोजगार सेल एआरसी का रोडमैप तैयार हो गया है। सेल का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव और कौशल को विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों से जोड़ना होगा। उत्तराऽंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल सेनि अजय कोठियाल ने सोमवार को प्रेस क्लब में इसकी विस्तृत कार्ययोजना साझा की।

उन्होंने बताया कि रोजगार सेल अग्निवीरों की रुचि, योग्यता और सेना में अर्जित अनुभव का आकलन करेगा। इसके आधार पर उन्हें सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों और कारपोरेट क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त दक्षता की आवश्यकता होगी, वहां अल्पकालिक कैप्सूल कोर्स संचालित किए जाएंगे, ताकि अग्निवीर उद्योगों की मांग के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। कर्नल कोठियाल ने बताया कि अब तक 50 से अधिक रोजगार क्षेत्रों की पहचान की जा चुकी है। इसमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लाजिस्टिक्स, विनिर्माण, आधरभूत संरचना, कृषि, खेल और अन्य सेवा क्षेत्र शामिल हैं।

उनका कहना था कि सेना में मिले अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी प्रशिक्षण का इन क्षेत्रों में बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधन कर चुकी है। अब रोजगार सेल के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी उनके लिए सुनियोजित अवसर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों और कारपोरेट कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। कर्नल कोठियाल के अनुसार, अग्निवीर रोजगार सेल मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी तथा अग्निवीरों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि सेना से अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर को वापस लौटेगा। सरकार का प्रयास है कि उससे पहले रोजगार सेल पूरी तरह सक्रिय हो जाए, ताकि लौटने वाले अग्निवीरों को बिना अनावश्यक देरी के रोजगार और कौशल उन्नयन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अग्नि वीर का 1200 पहला बैच 31 दिसंबर को अपनी सेवा पूरी करके लौट रहा है। तब तक सरकार अपनी तैयारी पूरी करना चाहता है।

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नवाचार पर विशेष ध्यान दें डायटः डॉ.धन सिंह रावत https://laxyanews.com/uttarakhand/diets-should-focus-specially-on-innovation-dr-dhan-singh-rawat/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=diets-should-focus-specially-on-innovation-dr-dhan-singh-rawat https://laxyanews.com/uttarakhand/diets-should-focus-specially-on-innovation-dr-dhan-singh-rawat/#respond Mon, 20 Jul 2026 10:56:25 +0000 https://laxyanews.com/?p=56332 देहरादून। प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों ;डायटद्ध में नवाचार पर विशेष फोकस किया जायेगा, ताकि शिक्षक-शिक्षिकाओं को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके लिये विभागीय अध्किारियों को नवाचार संबंधी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक डायट में शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी ट्रेनिंग भी अनिवार्य रूप दी जायेगी। इसके अलावा मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद एससीईआरटी एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों डायट की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार पर विशेष पफोकस करने के निर्देश विभागीय अध्किारियों को दिये। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकों एवं नवाचार को अपनायाा जाय, ताकि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शैक्षणिक कार्यों में नवाचार अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इसके लिये डा. रावत ने सभी डायटों के प्राचार्यों को नवाचार संबंध्ी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। डॉ.रावत ने कहा कि एससीईआरटी व डायटों में होने वाले प्रशिक्षण कार्यशालाओं में नशामुक्ति, पर्यावरण, सोशल इमोशनल लर्निंग व नैतिकता पर विशेष सत्रा आयोजित किये जाय, साथ ही शिक्षकों को मेंटल हेल्थ की ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से दी जाय, ताकि शिक्षक बच्चों में तनाव के संकेतों को आसानी से पहचान सके और छात्रों की मानसिक सेहत से जुडी दिक्कतों को दूर किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पप्रश्री पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों, साहित्यकारों, लेखकों, अभिभावकों व ग्राम प्रधानों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिये।

बैठक में डॉ.रावत ने डायट्स को विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने को लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में अलग-अलग डायट्स को कक्षा-01 से 08 तथा कक्षा-09 से 12 तक विभिन्न विषय आवंटित किये गये हैं, जिसमें सामाजिक अध्ययन, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, परिवेशीय अध्ययन, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, शैक्षिक तकनीकी आदि विषय शामिल हैं। डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधर पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माणाध्ीन कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बजट का समयबद्ध एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगीबैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जे.पी. काला सहित सभी डायट्स के प्राचार्य व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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सीएम धामी ने किया शाइन अवी लर्निंग ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का शुभारंभ https://laxyanews.com/uttarakhand/cm-dhami-launches-shine-avi-learnings-inclusive-education-mission-2030/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=cm-dhami-launches-shine-avi-learnings-inclusive-education-mission-2030 https://laxyanews.com/uttarakhand/cm-dhami-launches-shine-avi-learnings-inclusive-education-mission-2030/#respond Mon, 20 Jul 2026 10:55:02 +0000 https://laxyanews.com/?p=56327 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी ने रविवार को राजपुर रोड, देहरादून स्थित एक निजी होटल में शाइन अवी लर्निंग ष्समावेशी शिक्षा मिशन-2030ष् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग करिकुलम पर आधारित विभिन्न पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा शाइन अवी लर्निंग की पहल, शिक्षा को और अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार ने हमेशा शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की है। जिसका उद्देश्य बच्चों को पढ़ाने के साथ समझने, सोचने, नवाचार और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने योग्य बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल शिक्षण सामग्री और विज्ञान एवं नवाचार आधरित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा को हर बच्चे तक पहुँचाने के लिए सरकार विद्यालयों में रैम्प, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित पफर्नीचर, स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधओं को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न स्तरों पर विद्यालयों में पंजीकृत हैं। सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अध्कि बच्चों को विशेष शिक्षण एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा प्रारम्भिक एवं माध्यमिक स्तर पर 300 से अध्कि विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की है और शेष रिक्त पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें राज्य का प्रत्येक बच्चा, अपनी पूर्ण क्षमता के साथ आगे बढ़ सके और नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सके। हमें अपने बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद श्रीमती अनीता शर्मा और शाइन अवी लर्निंग की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीमती अनीता ने विदेश से रिवर्स पलायन कर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया है। उन्होंने कहा यह कदम अन्य प्रवासियों के लिए भी एक उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते सालों में कई प्रवासियों ने अपने गांव घर लौटकर काम करने की इच्छा जताई है और कई लोग ऐसा कर भी रहे हैं। उन्होंने हम सब ने अपनी विरासत को संरक्षित करना है और अपनी सभ्यता को आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पूरे भारत के लोगों को आत्मसात करता है। हमारे राज्य के लोग व्यक्ति की सोच और उसके कामों को देखते है। तमाम चुनौतियों के बाद भी राज्य, निरंतर विकास के पथ पर आगे चला है। उत्तराखंड की जनता ने हमेशा सरकार को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा हमारा राज्य पूरे देश के लिए कई मामलों में उदाहरण बन कर रहा है। राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू हुआ। सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड में प्रथम स्थान हासिल किया। साथ ही सख्त नकल विरोध्ी कानून, जैसे कड़े फैसले भी राज्य सरकार ने लिए हैं।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, श्रीमती अनीता शर्मा,

श्री रमेश भट्ट, सुध्ीर नौटियाल , पीसी नैनवाल, मनोज पंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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सीएम ने 180 नेचर गाइडों को बांटे पंजीकरण प्रमाणपत्र https://laxyanews.com/uttarakhand/cm-distributed-registration-certificates-to-180-nature-guides/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=cm-distributed-registration-certificates-to-180-nature-guides https://laxyanews.com/uttarakhand/cm-distributed-registration-certificates-to-180-nature-guides/#respond Sun, 19 Jul 2026 10:57:18 +0000 https://laxyanews.com/?p=56335 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास सभागार से वर्चुअल माध्यम से तराई पश्चिमी वन प्रभागउरामनगर के पफांटो जोन में आयोजित कार्यक्रम में 180 महिला एवं पुरुष नेचर गाइडों को रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि ये प्रमाण-पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं के कौशल, मेहनत और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर गाइड स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ आत्मनिर्भर उत्तराऽंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रमाण-पत्रा प्राप्त करने वाले अनेक युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव लौटे हैं, जो प्रदेश में बढ़ते रोजगार अवसरों का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री

ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रिवर्स पलायन से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। होमस्टे, शीतकालीन पर्यटन, एडवेंचर, ईको-टूरिज्म, वेलनेस, डेस्टिनेशन वेडिंग और आध्यात्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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अग्निवीरों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है: सीएम धामी https://laxyanews.com/uttarakhand/our-commitment-to-the-honour-and-bright-future-of-agniveers-is-unwavering-cm-dhami/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=our-commitment-to-the-honour-and-bright-future-of-agniveers-is-unwavering-cm-dhami https://laxyanews.com/uttarakhand/our-commitment-to-the-honour-and-bright-future-of-agniveers-is-unwavering-cm-dhami/#respond Sat, 18 Jul 2026 07:13:24 +0000 https://laxyanews.com/?p=56322 उत्तराखंड बनेगा देश का पहला राज्य, जहां अग्निवीरों के लिए विशेष ‘अग्निवीर सेल’ की स्थापना की जाएगी

देहरादून। मुख्यमंत्राी पुष्कर सिंह धमी ने शुक्रवार को यूथ फाण्डेशन ट्रेनिंग एरिया-कुआंवाला, देहरादून में यूथ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ‘युवा अग्निवीर संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के अंतर्गत पूर्व सैनिकों तथा अग्निवीरों को होमस्टे स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों एवं अग्निवीरों को स्वरोजगार से संबंध्ति अवस्थापना सुविधएं विकसित करने हेतु विशेष अनुदान स्वीकृत किया जाएगा एवं सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक समर्पित सेल की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीरों, सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन की व्यवस्था की गई है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय-सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई है एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में उल्लेऽनीय वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध विधवाओं एवं दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता एवं पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

अग्निवीरों से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवारों का सम्मान , राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार, अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। सेवा पूर्ण करने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंध्न सहित राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अध्कितम आयु सीमा में छूट तथा भर्ती प्रक्रियाओं में आवश्यक भी प्राथमिकता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मान जनक भविष्य मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा अग्निवीर बनना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वाेच्च अवसर है। सेना में बिताए गए चार वर्ष अग्निवीरों के पूरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होगी। अग्निवीरों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने कहा उत्तराखड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां अग्निवीरों के लिए विशेष श्अग्निवीर सेलश् की स्थापना भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्यसेवक के रूप में उन्होंने हमेशा जनता की सेवा की है। राज्य की सेवा करने का अवसर उन्हें देवभूमि की जनता के आशीर्वाद से मिला है। मुख्यमंत्राी ने कहा प्रधनमंत्राी मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार उनके संकल्प अनुसार ही उत्तराऽंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का कार्य कर रही है। प्रधनमंत्राी के नेतृत्व में 2022 में राज्य की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है। आज डबल इंजन की सरकार, डबल रफ्तार से विकास को आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक सैनिक के बेटे हैं। उन्होंने बचपन से सैनिकों का अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखा है। उन्होंने अपने जीवन में संस्कार, अनुशासन अपने पिताजी से सीखा। उन्होंने कहा सैनिकों के बीच में आकर उन्हें अपने परिवार की अनुभूति होती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उत्तराखंड को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। आज देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य उत्तराखंड बना है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों के सभी प्रकरणों को गंभीरता से लिया और सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिसमें उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा 100 से अध्कि नकल माफिया को जेल भेजा गया। सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने का परिणाम है कि आज उत्तराखंड के अंदर रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। पिछले 5 साल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा राज्य में पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र युवाओं को नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे पहले उत्तराखंड राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। जिससे सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा हर बच्चे को पढ़ने और आगे बढ़ने का अध्किार है। उन्होंने कहा राज्य में हर क्षेत्र में काम किया जा रहा है। किसानों के लिए कीवी, एप्पल, तिमरु मिशन जैसी कई योजनाएं संचालित हैं। सतत विकास लक्ष्य की सूची में उत्तराऽंड में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य को पिफल्म Úेंडली स्टेट के रूप में भी सम्मानित किया गया है। निर्यात सूचकांक में बढ़त हुई है। अब राज्य के युवा अपने घर , गांव में ही रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। चार धाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, शीतकालीन यात्रा जैसी अनेकों यात्राओं में बीते 4 सालों में 24 करोड़ से अध्कि पर्यटक उत्तराखंड आए हैं।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कौठियाल से.नि, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत से.नि, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री धामी ने किया जागेश्वर श्रावणी मेले का शुभारंभ, हरेला पर पौधरोपण का दिया संदेश https://laxyanews.com/uttarakhand/chief-minister-dhami-inaugurates-the-jageshwar-shravani-mela-conveys-a-message-of-tree-plantation-on-harela/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=chief-minister-dhami-inaugurates-the-jageshwar-shravani-mela-conveys-a-message-of-tree-plantation-on-harela https://laxyanews.com/uttarakhand/chief-minister-dhami-inaugurates-the-jageshwar-shravani-mela-conveys-a-message-of-tree-plantation-on-harela/#respond Fri, 17 Jul 2026 05:34:05 +0000 https://laxyanews.com/?p=56319 प्रदेशवासियों को दी हरेला पर्व की शुभकामनाएं
147 करोड़ रुपये की जागेश्वर मास्टर प्लान परियोजना से संवर रहा है देवभूमि का गौरव: मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुऽ-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सपफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत राज्य की सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संदेश देने वाला उत्सव है। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक पौधरोपण करने का आ“वान किया तथा जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
श्रावणी मेले के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड की धर्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां आने वाले श्रद्धालु दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के तहत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधरभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधनमंत्राी नरेंद्र मोदी के जागेश्वर दौरे के बाद धम के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा है और पिछले दो महीनों में चार लाख से अध्कि श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन, आधरभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रा में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आ“वान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेरआर. एस., जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ https://laxyanews.com/uttarakhand/launch-of-a-special-train-journey-from-harrawala-to-veraval-on-the-occasion-of-the-somnath-swabhiman-parv/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=launch-of-a-special-train-journey-from-harrawala-to-veraval-on-the-occasion-of-the-somnath-swabhiman-parv https://laxyanews.com/uttarakhand/launch-of-a-special-train-journey-from-harrawala-to-veraval-on-the-occasion-of-the-somnath-swabhiman-parv/#respond Tue, 14 Jul 2026 06:35:21 +0000 https://laxyanews.com/?p=56313 700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थ यात्रा में हुए शामिल

 सोमनाथ भारत के अटूट विश्वास, स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक: मुख्यमंत्री

 देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य

 केदारखंड-मानसखंड, हरिद्वार-ऋषिकेश एवं शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर सरकार का विशेष फोकस

 यात्रियों से उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और ’अतिथि देवो भवः’ की भावना के प्रतिनिधि बनने का आ“वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में वेरावल सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विधवंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अध्कि सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधरात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आ“वान किया।

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देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्रः सीएम धामी https://laxyanews.com/uttarakhand/dehradun-science-city-to-become-a-national-hub-for-science-and-innovation-cm-dhami/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=dehradun-science-city-to-become-a-national-hub-for-science-and-innovation-cm-dhami https://laxyanews.com/uttarakhand/dehradun-science-city-to-become-a-national-hub-for-science-and-innovation-cm-dhami/#respond Tue, 14 Jul 2026 06:12:30 +0000 https://laxyanews.com/?p=56306 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकॉस्ट में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये साइंस सिटी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधन का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि इस साइंस सिटी में हमारे युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जो उनके सपनों और विचारों को नई उड़ान देने का कार्य करेंगी। मुख्यमंत्राी ने कार्यक्रम में श्विज्ञान सेतुश् परिकल्पना के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो ‘विज्ञान वाणी’ 88.8 मेगाहर्ट्ज, ‘विज्ञान दृश्यम’ तथा ‘विज्ञान धरा’ का लोकार्पण करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रयोगशालाओं के जटिल ज्ञान को उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

तकनीकी में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में हरेला सप्ताह मनाया जा रहा है। हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारे दायित्व का ष्प्रतीक पर्वष् भी है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय संकट की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हरेला पर्व पूरी दुनिया को ये संदेश देता है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चल सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब रोबोट्स कारखानों से लेकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। वहीं, डेटा साइंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और बायो-टेक्नोलॉजी जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां आज दुनिया की दिशा और दशा तय कर रही हैं। ऐसे समय में, हमें इस बदलाव को न केवल स्वीकार करना है, बल्कि इसका नेतृत्व भी करना है।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को मिल रही सराहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज देश के कई राज्य उत्तराखंड को कई क्षेत्रों में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में देख रहे हैं। सिलल्यारा टनल में फंसे श्रमिकों का सुरक्षित निकालने का अभियान इसमें शामिल है। जिसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में पेश किया गया। इसीलिए सरकार ने अब से हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा और मेध है। इसलिए अब हमें प्रदेश में ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ हमारी इस युवा प्रतिभा को सही दिशा मिले ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

विकसित भारत का आधार- विज्ञान, अनुसंधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के सामने ‘विकसित भारत 2047’ का जो ‘अमृत संकल्प’ रखा है, उसकी सबसे मजबूत आधारशिला विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधन ही है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे में ‘जय अनुसंधन’ जोड़कर देश के वैज्ञानिकों और युवाओं को एक नया मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे बड़े अभियानों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत में अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वहीं, सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युपफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होने की राह पर है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक अनुसंधान का एक वैश्विक हब बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य की पहली ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति’ लागू हो चुकी है। इस नीति का उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम विकसित करना है जहाँ हमारा युवा केवल रोजगार खोजने वाला न रहे, बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज के दम पर ‘जॉब क्रिएटर’ बने। ये नीति विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं की सीमाओं तक नहीं रखेगी, बल्कि उसे आम जनजीवन से जोड़ते हुए जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

चुनौतियों का स्थानीय समाधन तलाशने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हमारे सामने कई कठिन चुनौतियां खड़ी करती हैं। लेकिन हमारा हिमालय ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हमारी जैव-विविध्ता, अमूल्य औषधीय वनस्पतियां, बारहमासी जल स्रोत, जैविक कृषि और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हमारी असली पूंजी हैं। इसलिए यदि हम अपनी स्थानीय समस्याओं के स्थानीय और वैज्ञानिक समाधन विकसित कर लें, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। साथ ही सरकार प्रदेश में तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित कर रही है। इसी तरह वैज्ञानिक अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उत्तराखंड को ‘साइंस बेस्ड नॉलेज इकॉनॉमी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

स्टार्टअप सेंटर विकसित करने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट सूचना केंद्र, स्टेम लैब्स और जीआईएस आधारित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी विस्तार कर रही है। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा प्री-इन्क्यूबेशन लैब जैसी भविष्य की तकनीकों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यूकॉस्ट परिसर में स्टार्टअप सेंटर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। मुख्यमत्री ने इस अवसर पर पौधरोपण भी किया।

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श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8b/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a7%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%259c%25e0%25a4%25b2%25e0%25a4%25bf-%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25aa%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%258b https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8b/#respond Mon, 13 Jul 2026 10:39:32 +0000 https://laxyanews.com/?p=56303 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मोथरोवाला, देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार दीपक फर्स्वाण के आवास पर पहुंचकर उनके पिता स्वर्गीय बलवंत फर्स्वाण को श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।

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