लक्ष्य न्यूज़ https://laxyanews.com लक्ष्य न्यूज़ उत्तराखण्ड Sat, 05 Sep 2026 05:44:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 230800331 शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधरशिला, बदलते दौर में बढ़ी जिम्मेदारी: राज्यपाल https://laxyanews.com/uttarakhand/teachers-are-the-cornerstone-of-nation-building-their-responsibility-has-increased-in-changing-times-governor/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=teachers-are-the-cornerstone-of-nation-building-their-responsibility-has-increased-in-changing-times-governor https://laxyanews.com/uttarakhand/teachers-are-the-cornerstone-of-nation-building-their-responsibility-has-increased-in-changing-times-governor/#respond Sat, 05 Sep 2026 05:44:52 +0000 https://laxyanews.com/?p=56775 देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेनि. ने प्रदेशवासियों और सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधरशिला हैं। वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना से भी जोड़ते हैं।
राज्यपाल ने महान शिक्षक, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए शिक्षा के क्षेत्रा में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।उन्होंने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षा को नवाचार, तकनीक, कौशल और संस्कारों से जोड़कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के शिक्षक अपने ज्ञान, समर्पण और प्रतिबद्धता से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षक की जिम्मेदारी सिपर्फ पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को बेहतर इंसान बनाना और उन्हें जीवन में सही दिशा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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दून में हनुमान ध्वजा स्थापना के साथ रामलीला महोत्सव 2026 का आगाज https://laxyanews.com/uttarakhand/ramlila-festival-2026-kicks-off-in-doon-with-the-installation-of-the-hanuman-flag/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=ramlila-festival-2026-kicks-off-in-doon-with-the-installation-of-the-hanuman-flag https://laxyanews.com/uttarakhand/ramlila-festival-2026-kicks-off-in-doon-with-the-installation-of-the-hanuman-flag/#respond Sat, 05 Sep 2026 05:38:31 +0000 https://laxyanews.com/?p=56772 देहरादून। रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में शुक्रवार को श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 की ओर से भव्य रामलीला महोत्सव-2026 का शुभारंभ हनुमान ध्वजा स्थापना के साथ हुआ। गढ़वाल की ऐतिहासिक राजधनी पुरानी टिहरी में वर्ष 1952 से चली आ रही रामलीला परंपरा को देहरादून में वर्ष 2023 से पुनर्जीवित किया जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ढोल-दमाऊ की मंगल ध्वनि के बीच हनुमान ध्वज की परिक्रमा, पूजा-अर्चना और हवन किया गया। इसके बाद विधि-विधान से ध्वजा स्थापित कर रामलीला की रिहर्सल शुरू की गई। समिति अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि पुरानी टिहरी की रामलीला उत्तराऽंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है।इस वर्ष भी इसकी पारंपरिक चौपाई, कथा, संवाद और मंचन शैली को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। महोत्सव में भव्य कलश यात्रा, डिजिटल लाइव टेलीकास्ट, लेजर एवं साउंड शो, मेला तथा बच्चों के लिए झूले-चरखी आकर्षण का केंद्र होंगे। विजयादशमी पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की रामलीला को विभिन्न माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। कार्यक्रम में समिति के सचिव अमित पंत समेत पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-9/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%2596%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a5%2581%25e0%25a4%25b7%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25bf%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25b9-9 https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-9/#respond Sat, 05 Sep 2026 05:34:55 +0000 https://laxyanews.com/?p=56769 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल के सिनेमा हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत एवं आध्यात्मिक विभूति नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा सहित विभिन्न दायित्वधारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाती रही है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बाबा की भक्ति, मानव सेवा और सभी के प्रति प्रेम का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ महान संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि भी है। नीम करौली बाबा का कैंची धाम आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसी आध्यात्मिक विभूतियों के जीवन और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले रचनात्मक प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत की समृद्ध संत परंपरा, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानव कल्याण की भावना को केंद्र में रखती है। फिल्म के माध्यम से नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन से जुड़े उन मूल्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनमें ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, मानव सेवा, करुणा, प्रेम, विनम्रता और लोककल्याण प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माताओं एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधरित सकारात्मक एवं प्रेरणादायी पिफल्मों से समाज में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उल्लेखऽनीय है कि ‘हनुमान अंश’ का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और पिफल्म में शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को 7 अगस्त 2026 को हिंदी में देशभर में रिलीज किया गया।

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सीएम ने श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी https://laxyanews.com/uttarakhand/the-cm-paid-floral-tributes-and-offered-homage/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=the-cm-paid-floral-tributes-and-offered-homage https://laxyanews.com/uttarakhand/the-cm-paid-floral-tributes-and-offered-homage/#respond Sat, 05 Sep 2026 05:30:41 +0000 https://laxyanews.com/?p=56766 देहरादून। मुख्यमंत्राी पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व दायित्वधरी एवं भाजपा उत्तराखंड के पूर्व प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मोहब्बेवाला स्थित उनके आवास पर जाकर उनके चित्रा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निध्न भाजपा संगठन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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मंहगाई के खिलाफ उक्रांद महिला मोर्चा ने किया प्रदर्शन https://laxyanews.com/uttarakhand/ukd-womens-wing-protests-against-inflation/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=ukd-womens-wing-protests-against-inflation https://laxyanews.com/uttarakhand/ukd-womens-wing-protests-against-inflation/#respond Fri, 04 Sep 2026 05:52:43 +0000 https://laxyanews.com/?p=56763 विकासनगर। बढ़ती महंगाई के विरोध में उक्रांद महिला मोर्चा ने गुरुवार को तहसील चौक पर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल मंहगाई पर अंकुश लगाने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर मंहगाई पर काबू नहीं पाया जाता तो यूकेडी आंदोलन तेज करने के साथ ही जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व महिला मोर्चा की जिला महामंत्राी मोहनी नौटियाल और राज्य आंदोलनकारी मंच की जिला अध्यक्ष सीमा कुकरेती ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महिला मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष विनीता चौहान ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता और विशेषकर महिलाओं का घरेलू बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और दाल, तेल, चीनी व सब्जियों के बढ़ते दामों ने परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साध्ते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली सरकार के कार्यकाल में आम आदमी महंगाई से परेशान है। महिला वक्ताओं ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस सिलेंडर महंगे होने के कारण कई परिवारों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं दोबारा चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं। महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द महंगाई पर अंकुश लगाकर आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कम नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी। पुतला दहन कार्यक्रम में रंजना बडोनी, राधा उनियाल, बिना उनियाल, रेखा थपलियाल, बिना पंवार, आशा पंवार, भक्ति मैठाणी, किरण पंवार, सुनीता रावत, सुशीला जुगूड़ी, चित्रा पैन्यूली, सुंदरे नेगी, कमला भट्ट, शोभा रावत, पूनम रावत, लीला नेगी, जय कृष्ण सेमवाल, अरविंद तोमर, सौरभ उनियाल, पूरण प्रसाद भट्टð, अनिल पंवार, भूपेंद्र सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, देवी प्रसाद डंगवाल, दिनेश कोठरी, दरबान सिंह रावत, अजगर अली, महबूब, धनवीर सैनी, अमर कुमार, तुषार और अभिनव चौहान सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र https://laxyanews.com/uttarakhand/the-chief-minister-handed-over-appointment-letters-to-101-newly-recruited-personnel-of-the-department-of-animal-husbandry-and-the-department-of-sugarcane-development-and-sugar-industry/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=the-chief-minister-handed-over-appointment-letters-to-101-newly-recruited-personnel-of-the-department-of-animal-husbandry-and-the-department-of-sugarcane-development-and-sugar-industry https://laxyanews.com/uttarakhand/the-chief-minister-handed-over-appointment-letters-to-101-newly-recruited-personnel-of-the-department-of-animal-husbandry-and-the-department-of-sugarcane-development-and-sugar-industry/#respond Fri, 04 Sep 2026 05:47:29 +0000 https://laxyanews.com/?p=56760 नवनियुक्त कार्मिक जनसेवा की भावना से अपने दायित्वों का करें निर्वहन: मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्रा वितरण कार्यक्रम में पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी एवं 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आज से वे उत्तराऽण्ड सरकार का अभिन्न हिस्सा बनने के साथ ही जनसेवा की महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने ज्ञान, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से शासकीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपनी कार्यशैली से उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। आज सरकारी नौकरियां सिपफारिश या पहचान से नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिल रही हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सपफल रहे हैं। यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण और गांवों की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार पशुपालन को रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुध्न मिशन के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालकों को अनुदान पर गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां उपलब्ध कराने के साथ ही पशुओं के कृत्रिम गर्भाधन, टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति भी प्रतिबद्ध है। गन्ना सर्वेक्षण की व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को नई तकनीक, उन्नत गन्ना प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उत्तराखण्ड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में 05 रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें किसानों और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान के लिए संवेदनशीलता से कार्य करना होगा। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि आम नागरिक को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शासकीय कार्यप्रणाली में ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड भी इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराऽण्ड के निर्माण में अपना शत-प्रतिशत योगदान देने का आ“वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश https://laxyanews.com/uttarakhand/the-health-minister-directed-officials-to-take-necessary-action-to-resolve-the-issues-faced-by-pharmacy-personnel/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=the-health-minister-directed-officials-to-take-necessary-action-to-resolve-the-issues-faced-by-pharmacy-personnel https://laxyanews.com/uttarakhand/the-health-minister-directed-officials-to-take-necessary-action-to-resolve-the-issues-faced-by-pharmacy-personnel/#respond Fri, 04 Sep 2026 05:42:48 +0000 https://laxyanews.com/?p=56757 देहरादून। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय में डिप्लोमा पफार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों के संबंध् में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा। एसोसिएशन ने बताया कि मांगों पर अपेक्षित कार्यवाही न होने के कारण उनके द्वारा 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने, स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को क्रियाशील किए जाने, पफार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू किए जाने, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धरित औषधियां उपलब्ध कराने हेतु फार्मेसी अधिकारियों को अध्किृत किए जाने तथा चारधम यात्रा डूटी के लंबित देयकों के भुगतान एवं व्यवस्थाओं में सुधर शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों के साथ बिंदुवार चर्चा की। संगठन की वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को भी प्रथम एसीपी के रूप में प्रथम पदोन्नति के पद के समकक्ष वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री जी द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भारत सरकार के सेवा संबंधी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते राज्य सरकार की मंशा पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में ग्रामीण जनता को बेहत्तर से बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधएं मुहैया कराना है। स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पफार्मेसी अध्किारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य उपकेन्द्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों के प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। प्रदेश में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 के प्रावधनों को लागू करने तथा चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषध्यिां उपलब्ध् कराने हेतु फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत किए जाने को लेकर मंत्राी जी द्वारा एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। महानिदेशक स्वास्थ्य ने बताया कि इस संबंध में समिति गठित कर ली गई हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों के विगत चारधाम यात्रा डूटी के लंबित देयकों के भुगतान न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश देते हुए 15 दिन के भीतर सभी लम्बित देयकों का भुगतान करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि पफार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी जायज समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, वित सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी, डिप्लोमा पफार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद में आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान का किया दौरा https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-15-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a1/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2589%25e0%25a4%25a4%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a4%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%2596%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25a1-%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%2587-15-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25a6%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25af%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25af-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25a1 https://laxyanews.com/uttarakhand/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-15-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a1/#respond Thu, 03 Sep 2026 05:59:08 +0000 https://laxyanews.com/?p=56754 उत्तराखंड के मंडुआ, झंगोरा, चौलाई और कोदा जैसे स्थानीय अनाजों के पोषक तत्वों पर शोध जारीः डॉ. भारती कुलकर्णी
कम उम्र से ही स्वस्थ खान-पान की आदतों का विकास किया जाना चाहिएः डॉ. भारती कुलकर्णी, निदेशक आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान
आईसीएमआर-एनआईएन ने पोषण अनुसंधान, जन स्वास्थ्य शिक्षा और राष्ट्रीय नीतियों में योगदान की दी जानकारी
देहरादून। बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून द्वारा आयोजित हैदराबाद प्रेस दौरे के दूसरे दिन उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषददृराष्ट्रीय पोषण संस्थान ;आईसीएमआर-एनआईएनद्ध, हैदराबाद का दौरा किया। इस दौरे के दौरान पत्रकारों को पोषण अनुसंधान, जन स्वास्थ्य शिक्षा तथा राष्ट्रीय नीतियों एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में संस्थान के योगदान की जानकारी मिली।
प्रतिनिधिमंडल को संबोध्ति करते हुए हैदराबाद स्थित आईसीएमआर-राष्ट्रीय पोषण संस्थान की निदेशक डॉ. भारती कुलकर्णी ने खाद्य संरचना, पोषक तत्वों की आवश्यकताओं तथा आहार संबंधी दिशा-निर्देशों पर वैज्ञानिक प्रमाण तैयार करने में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इंडियन फूड कंपोजिशन टेबल्स देश में उपलब्ध विभिन्न खाद्य पदार्थों में ऊर्जा, प्रोटीन, सूक्ष्म पोषक तत्वों और खनिजों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराती हैं। यह जानकारी शोध्कर्ताओं, खाद्य उद्योग तथा जन स्वास्थ्य नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी है।
डॉ. कुलकर्णी ने भारतीयों के लिए पोषक तत्वों आवश्यकता और रिकमेंडेड डायटरी प्लान के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि ये विभिन्न आयु वर्गों एवं शारीरिक अवस्थाओं के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताओं का आधर निर्धरित करते हैं।
भारतीयों के लिए आहार संबंधी दिशा-निर्देश के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए डॉ. कुलकर्णी ने कहा कि स्वस्थ खान-पान की आदतों का विकास बचपन की शुरुआती अवस्था से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आहार में अतिरिक्त चीनी के सेवन से बचने संबंधी दिशा-निर्देश का उल्लेख किया।
कुपोषण के दोहरे बोझ पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. कुलकर्णी ने विशेष रूप से बच्चों में बढ़ते अध्कि वजन और मोटापे की समस्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय जीवनशैली तथा वसा, चीनी और नमक की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का अत्यध्कि सेवन इस समस्या के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने ऽाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल भोजन की उपलब्ध्ता पोषण संबंधी बेहतर स्थिति सुनिश्चित नहीं करती। इसके लिए आहार में विविध्ता तथा व्यवहार में सकारात्मक बदलाव भी आवश्यक हैं।
डॉ. कुलकर्णी ने बताया कि उत्तराऽंड के स्थानीय कृषि उत्पादों एवं मोटे अनाजों, जिनमें मंडुआ, झंगोरा, चौलाई और कोदा शामिल हैं, के विशिष्ट पोषक तत्वों का अध्ययन करने के लिए शोध किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रागी ;पिफंगर मिलेटद्ध के सेवन से एनीमिया में कमी पर इसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नैदानिक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन भी जारी हैं।
मीडिया प्रतिनिध्मिंडल ने आईसीएमआर-एनआईएन के पोषण सूचना, संचार एवं स्वास्थ्य शिक्षा प्रभाग के प्रमुऽ एवं वैज्ञानिक-जी डॉ. सुब्बा राव द्वारा आयोजित तकनीकी सत्रों में भी भाग लिया।
डॉ. सुब्बा राव ने वर्तमान पोषण संबंधी चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए अल्पपोषण, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी तथा जीवनशैली से संबंध्ति चयापचय संबंध्ी विकारों के एक साथ मौजूद होने की स्थिति को समझाया। उन्होंने वैज्ञानिक पोषण संबंध्ी जानकारी और आम लोगों की दैनिक खान-पान की आदतों के बीच अंतर को पाटने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिध्यिों से खाद्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने तथा प्रमाण-आधारित आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार पत्रकारिता करने का आ“वान किया।
प्रतिनिधिमंडल ने आईसीएमआर-एनआईएन की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा शोधकर्ताओं के साथ संवाद कर खाद्य विश्लेषण एवं लिपिड रसायन विज्ञान के क्षेत्र में चल रहे अनुसंधन कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस दौरे पर प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद प्रेस टूर के सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सालार जंग संग्रहालय का दौरा किया। जहां पत्राकारों ने हैदराबाद की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत तथा संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक एवं अभिलेखीय संग्रहों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

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26 मदरसों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किए मान्यता प्रमाण-पत्र https://laxyanews.com/uttarakhand/chief-minister-dhami-presented-recognition-certificates-to-26-madrasas/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=chief-minister-dhami-presented-recognition-certificates-to-26-madrasas https://laxyanews.com/uttarakhand/chief-minister-dhami-presented-recognition-certificates-to-26-madrasas/#respond Thu, 03 Sep 2026 05:55:11 +0000 https://laxyanews.com/?p=56751 आधुनिक शिक्षा से ही बच्चों का भविष्य बनेगा उज्ज्वल
सीएम धमी का स्पष्ट संदेशकृपरंपराएं अपनी जगह, लेकिन ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और एआई को अपनाना होगा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आईआरडीटी सभागार, देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्रा वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों ;मदरसोंद्ध को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम फ्नई पहचान, नया सम्मान। आध्ुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्यय् रही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा 26 शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रदान किया जाना अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मान्यता प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों के प्रतिनिध्यिों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में प्राधिकरण बनाए जाने के पीछे मूल उद्देश्य यही है कि सभी बच्चे आध्ुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ें और उन्हें अपने व्यक्तित्व तथा भविष्य के निर्माण के लिए पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन वर्तमान समय ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समय है। पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है और प्रत्येक देश विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में बच्चों को आध्ुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि वे बदलती दुनिया की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो, उनकी प्रतिभा सामने आए और वे अपने भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेऽक या वैज्ञानिक बन सकता है। कृषि के क्षेत्र में जाने वाले बच्चे आध्ुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं। आज प्रत्येक क्षेत्र में शोध और नवाचार हो रहा है, इसलिए बच्चों को नई तकनीकों और शोध को समझने, सीखने तथा उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा देना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और निर्णयों का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा वर्ग को टारगेट करना नहीं है। उन्होंने समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि यूसीसी किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए लागू नहीं किया गया है और इसी प्रकार अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी किसी वर्ग को टारगेट करने के लिए नहीं बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना और प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी वर्गों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और मधुर संबंध् हैं तथा किसी व्यक्ति के साथ केवल उसकी पहचान या वर्ग के आधर पर भेदभाव करने की नीति नहीं है। सरकार व्यक्ति के कार्य और उसके योगदान को महत्व देती है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अवैध् अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां सरकारी जमीन पर अवैध् कब्जा हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी गरीब व्यक्ति को परेशान करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास विधिवत खरीदी गई जमीन, वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र है तो उसे परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को हुनर और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। युवाओं को ऋण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्होंने कभी कल्पना नहीं की होगी कि उन्हें इतनी महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी। उन्होंने प्राधिकरण की उपाध्यक्ष पफरजाना का उल्लेाख करते हुए कहा कि काम करने और अपनी क्षमता साबित करने वाले लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांध्ी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शायद उन्होंने भी कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यही सरकार के कार्य करने की शैली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर भी समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी यूसीसी लागू है और यदि यह व्यवस्था खराब होती तो अनेक देश इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक समाज के कुछ वर्गों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले और उन्हें अच्छी शिक्षा से वंचित रखा गया। लोगों के मन में भय पैदा किया गया कि यदि ये लोग आगे बढ़ेंगे तो पता नहीं क्या होगा। अब इस सोच को बदलने और शिक्षा तथा विकास के माध्यम से समाज को आगे ले जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है। गरीबों को राशन, स्वास्थ्य सुविधएं, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर और गैस कनेक्शन जैसी सुविधएं उपलब्ध् कराई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ देते समय लाभार्थी की जाति, वर्ग या समुदाय नहीं देखा जाता, बल्कि पात्रता को आधर बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सभी बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है और इसे मजबूत करने की जिम्मेदारी सरकार तथा शिक्षण संस्थानों दोनों की है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग और विश्वास आवश्यक है। सरकार अपनी ओर से सहयोग करेगी और शिक्षण संस्थानों को भी सकारात्मक भूमिका निभाते हुए इस व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
मुख्यमंत्राी ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आधरशिला बताते हुए कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यही शिक्षा उनके भविष्य का निर्माण करेगी और जीवनभर उनके काम आएगी। उन्होंने कहा कि समय निरंतर बदल रहा है और समय के साथ शिक्षा तथा कार्य करने के तरीकों में भी बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कृषि का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ऽेतों में हल के माध्यम से काम किया जाता था, जबकि आज आध्ुनिक मशीनों और तकनीकों ने कृषि को कापफी आसान और प्रभावी बना दिया है।
मुख्यमंत्राी ने अपने किसान परिवार से होने का उल्लेऽ करते हुए कहा कि वह स्वयं समय-समय पर ऽेत में जाकर कृषि कार्य करते हैं और आध्ुनिक कृषि उपकरणों के साथ-साथ पारंपरिक तरीके से भी काम करने में उन्हें कोई संकोच नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि आध्ुनिक ज्ञान-विज्ञान जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसे अपनाना भी आवश्यक है। इसी प्रकार शिक्षा में भी आध्ुनिक तकनीक और नए ज्ञान को स्वीकार करना समय की मांग है।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि आज 14-15 वर्ष की उम्र के बच्चे ऐसी तकनीकी और डिजिटल जानकारी रऽते हैं, जिनके बारे में कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते। नई पीढ़ी की क्षमताओं को स्वीकार करते हुए उन्हें सही दिशा और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर प्रतिभा, योग्यता और क्षमता होती है और समाज तथा शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि उन क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें।
मुख्यमंत्राी ने बच्चों की बात सुनने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे अपने हैं और उनके भविष्य को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध् कराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि समाज को ऐसी सोच से बाहर निकलना होगा जिसमें लोगों से केवल राजनीतिक समर्थन, नारे या किसी विशेष उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने की अपेक्षा की जाती रही हो, जबकि उनके शिक्षा और भविष्य की चिंता नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस सोच में बदलाव लाया जाए और बच्चों के भविष्य को केंद्र में रऽते हुए शिक्षा तथा विकास को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्राी ने शिक्षा के क्षेत्रा में कार्य करने वाले लोगों को समाज का महत्वपूर्ण वर्ग बताते हुए कहा कि व्यापार, उद्योग और अन्य व्यवसाय अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्रा में काम करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिक्षक और शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। उनके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को दिशा मिलती है और समाज का भविष्य तैयार होता है।
मुख्यमंत्राी ने मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की कि उनके माध्यम से आध्ुनिक शिक्षा का संदेश गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज जो शुरुआत हुई है, उसका वास्तविक परिणाम आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा, उनकी प्रतिभा और उनके भविष्य में दिऽाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग द्वारा बच्चों के भविष्य के लिए नियम-कानून एवं व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं, इसलिए शिक्षण संस्थानों को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ इस विश्वास को मजबूत करना होगा। केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय ध्रातल पर वास्तविक परिवर्तन दिऽाई देना चाहिए।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि उत्तराऽंड आज विभिन्न क्षेत्रों में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राज्य में किए जा रहे अनेक नवाचार और बनाए जा रहे नियम-कानून अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने अपेक्षा की कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्रा में आज शुरू हुई यह पहल भी आगे चलकर देश के लिए एक उदाहरण बने और उत्तराऽंड को इस क्षेत्रा में नई पहचान दिलाए।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि उत्तराऽंड की विशेषता आपसी भाईचारा और मिल-जुलकर रहने की रही है। यहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े होते हैं और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल केवल भाषणों और बातों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव शिक्षण संस्थानों के कामकाज, बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य में दिऽाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से विश्वास का वातावरण बनाया गया है और अब शिक्षण संस्थानों तथा समाज की ओर से भी इस विश्वास को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, उनके संचालकों, शिक्षकों एवं प्रतिनिध्यिों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बच्चों को आध्ुनिक, गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करें, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो, उनकी प्रतिभा निखरे और वे भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना करते हुए प्रदेश और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
सीएम धमी ने देहरादून जनपद के मदरसा जामिया इस्लामिया, जूनियर हाईस्कूल, डॉटरगंज, विकासनगरऋ जामिया दारूल उलूम रमजानिया, ढकरानी, विकासनगरऋ जामिया सबीलुर्रशाद, जूनियर हाईस्कूल, उस्मानपुर, ढ़ाकी, सहसपुरऋ जामिया सÕियदा पफातिमातुज्जाहरा, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-सहसपुर ;जोल बस्तीद्धऋ जामिया रहीमिया प्राईमरी स्कूल, जाटोवाला, पोस्ट-सभावाला, विकासनगर तथा मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन, प्राथमिक विद्यालय, लक्ऽनवाला, विकासनगर को मान्यता प्रमाण-पत्रा प्रदान किए।
मुख्यमंत्राी धमी ने हरिद्वार जनपद के मदरसा इमामिया, पठानपुराऋ मदरसा अरबिया रहमानिया, हाईस्कूल, रुड़कीऋ पैरामाउन्ट कॉन्वेन्ट, हाईस्कूल, सुल्तानपुर, लक्सरऋ गोल्डन फ्रयुचर, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-छापुर शेरपुर, अपफगानपुरऋ मदरसा तमन्ना-ए-तालीम, सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक लक्सरऋ मदरसा गुलशन-ए-तालीम, ग्राम-नेहन्दपुर सुठारी, पोस्ट-सुल्तानपुर, ब्लॉक लक्सरऋ मदरसा जन्नतुन निशा, जूनियर हाई स्कूल, नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सरऋ मदरसा नुर साबरी, जूनियर हाईस्कूल, सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सरऋ मदरसा के. जी. एन. पब्लिक स्कूल, ग्राम जसौदरपुर, ब्लॉक बहादराबादऋ मदरसा रशीदिया, जूनियर हाई स्कूल, मोहम्मदपुर कुन्हारी, ब्लॉक बहादराबादऋ एम. टी. यू. जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सरऋ मदरसा बहार-ए-चमन, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-तिलकपुरी भोगपुर, ब्लॉक-लक्सरऋ एम. आई. टी., जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सरऋ मदरसा तालीम-ए-जदीद, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-जसौदरपुर, पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-बहादराबाद, तहसील एवं जिला हरिद्वारऋ मॉर्डन आदर्श पब्लिक, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-सिकरौढ़ा, विकासऽण्ड भगवानपुरऋ मदरसा पफैज-ए-हिदायत, ग्राम एवं पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सरऋ आरजू पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-सलेमपुर महदूद, विकासऽण्ड बहादराबादऋ ड्रीम पैराडाइज पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-ध्ीरमजरा, डाक-हल्लूमजरा, ब्लॉक एवं तहसील-भगवानपुर तथा राव असगर अली मैमोरियल, पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-खेड़ीशिकोहपुर, भगवानपुर को मान्यता प्रमाण-पत्रा प्रदान किए गए।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने ऊधमसिंहनगर जनपद के एम. जी. एन. पब्लिक स्कूल, केलाखेड़ा को भी नवीन मान्यता प्रदान की गई। इस प्रकार प्रदेश के कुल 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री खजान दास, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभागीय अध्किारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टमटा ने की सीएम धामी से भेंट, स्टार्टअप को सरकारी मदद के निर्देश https://laxyanews.com/uttarakhand/flying-car-developer-ravi-tamta-meets-cm-dhami-directives-issued-for-government-support-to-the-startup/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=flying-car-developer-ravi-tamta-meets-cm-dhami-directives-issued-for-government-support-to-the-startup https://laxyanews.com/uttarakhand/flying-car-developer-ravi-tamta-meets-cm-dhami-directives-issued-for-government-support-to-the-startup/#respond Thu, 03 Sep 2026 05:51:07 +0000 https://laxyanews.com/?p=56748 देहरादून। फ्लाइंग कार बनाने वाले युवा नवोन्मेषक एवं स्टार्टअप उद्यमी रवि टमटा ने आज मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात की। इस दौरान टमटा ने मुख्यमंत्री को फ्लाइंग कार के निर्माण से संबंधित अपने तकनीकी नवाचार, अब तक की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रवि टमटा के अभिनव प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे युवाओं को अपने नए विचारों और तकनीकी प्रयोगों को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को पंख देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारे युवा नए विचारों और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार उनके नवाचार को केवल प्रोत्साहित ही नहीं करेगी, बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए हरसंभव सहयोग भी प्रदान करेगी।य्
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही सचिव उद्योग को निर्देश दिए कि रवि टमटा के स्टार्टअप को नियमानुसार आवश्यक शासकीय सहयोग एवं सहायता उपलब्ध् कराने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने अध्किारियों को निर्देश दिए कि सरकार की प्रचलित स्टार्टअप एवं औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत उपलब्ध् सुविधओं का लाभ दिलाने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए और आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर तकनीक और नवाचार का है। उत्तराखंड के युवा भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे नवाचार न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देते हैं।उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में नई तकनीकों के प्रयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। भविष्य में तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए तकनीकी, सुरक्षा और नियामकीय मानकों का पालन आवश्यक होगा।
रवि टमटा ने मुख्यमंत्री को अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि वे इस क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं और भविष्य में इसे और विकसित करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने टमटा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर इकोसिस्टम उपलब्ध् कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्नया उत्तराखंड केवल विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के नए विचारों, नवाचार और उद्यमिता से भी बनेगा। हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड का कोई भी प्रतिभाशाली युवा संसाधनों के अभाव में अपने सपने को अधूरा न छोड़े। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहन देकर उन्हें रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और राज्य की आर्थिक प्रगति का माध्यम बनाया जा सकता है।

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