News – लक्ष्य न्यूज़ https://laxyanews.com लक्ष्य न्यूज़ उत्तराखण्ड Sun, 08 Mar 2026 00:08:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 230800331 हमारा अस्त्र ‘शास्त्र’ और ‘संवाद’ है, हिंसा नहीं । ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८ https://laxyanews.com/uttarakhand/our-weapons-are-scripture-and-dialogue-not-violence-jyotishpeethadhishwara-shankaracharya-swamishri-avimukteshwarananda-saraswati/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=our-weapons-are-scripture-and-dialogue-not-violence-jyotishpeethadhishwara-shankaracharya-swamishri-avimukteshwarananda-saraswati https://laxyanews.com/uttarakhand/our-weapons-are-scripture-and-dialogue-not-violence-jyotishpeethadhishwara-shankaracharya-swamishri-avimukteshwarananda-saraswati/#respond Sun, 08 Mar 2026 00:08:58 +0000 https://laxyanews.com/?p=55227 Our weapons are ‘scripture’ and ‘dialogue’, not violence. Jyotishpeethadhishwara Shankaracharya Swamishri Avimukteshwarananda Saraswati
8 मार्च 2026

हमारा अस्त्र ‘शास्त्र’ और ‘संवाद’ है, हिंसा नहीं ।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’

#काशी से #रायबरेली पहुँचकर रात्रि-विश्राम किया

गौ-गंगा पूजन के बाद चिंतामणी गणेश जी के दर्शन कर शंकराचार्य जी गौभक्तों के साथ रवाना
-11 मार्च को होगा गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद
रायबरेली। ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित प्रातःस्मरणीय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ ने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में होने वाले ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध के शंखनाद’ के लिये यात्रा शुरू कर दी है। शनिवार सुबह काशी में उन्होंने गौमाता का पूजन किया और मठ से पालकी में सवार होकर चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे, जहां पूजा- अर्चना के बाद संकटमोचन हनुमान मंदिर में हनुमान जी दर्शन कर हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का पाठ कर रायबरेली की लिये रवाना हुए। शुक्रवार शाम को काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो- ब्राह्मण प्रतिपालक’ वीर शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर मां गंगा व शिवाजी महाराज का पूजन कर गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद का संकल्प लिया गया।
-लखनऊ में आंदोलन की दिशा तय होगी
यात्रा पर रवाना होने से पहले शंकराचार्य जी ने मीडिया से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही देश में गौमाता की रक्षा के लिए ‘धर्मयुद्ध’ शुरू करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार के सामने ही गौमाता को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ में ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ नाम से बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के साधु- संत शामिल होंगे। इस सभा में आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
-सरकार के पास अभी भी चार दिन का समय
परमाराध्य ने कहा कि स्वयं को असली हिन्दू के रूप में प्रतिष्ठापित करने या नकली हिन्दू के रूप में ख्यापित होने के लिये आदित्यनाथ योगी जी को दिए गए 40 दिनों के समय में से 36 दिन पूर्ण हो चुके हैं। प्रेस वार्ताओं के माध्यम से उन्हें निरंतर सचेत किया गया, किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि पिछले दिनों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। हमारे द्वारा दिए गए गौ माता को राज्यमाता घोषित करने और उत्तरप्रदेश से बीफ निर्यात पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाने जैसे दो मुख्य कार्यों (Task) और गोहत्या निरोध में सहयोगी ‘पंचसूत्रीय माँगपत्र’ पर उनकी सरकार, सत्ताधारी दल और उनके उत्तरदायी नेताओं की चुप्पी उनकी गो-भक्त विरोधी मानसिकता को अब तक तो पुष्ट करती ही नजर आ रही है। या यूं कहें कि अब सारी अपेक्षाएँ शेष 3 दिनों पर टिकी हैं।
-हमारा अस्त्र ‘शास्त्र और संवाद’ है, ‘हिंसा’ नहीं
महाराजश्री ने कहा कि हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ पूर्णतः अहिंसक और वैचारिक होगा। हमारा अस्त्र ‘शास्त्र और संवाद’ है, ‘हिंसा’ नहीं। हम सत्ता को उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी का स्मरण कराने हेतु शांतिपूर्ण मार्ग से यानी आज से लखनऊ की ओर ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ पर निकल चुके हैं। यदि इन 3 दिनों में निर्णय नहीं हुआ, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार, संबंधित राजनीतिक दल और उनके नेतृत्व की होगी।
जौनपुर, सुल्तानपुर गौरीगंज होते हुऐ शंकराचार्य जी का भारी भरकम काफिला शाम 7.30 बजे रायबरेली पहुंचा। इस दौरान जगह- जगह हजारों की संख्या में लोगों ने शंकराचार्य जी भगवान का स्वागत किया। लोगों में शंकराचार्य जी महाराज के दर्शन करनी के लिये उनके नजदीक आने की होड़ लगी थी। पूरा माहौल गौमाता राष्ट्रमाता के नारों व शंकराचार्य जी के जयकारों से गूंज उठा। महाराज जी ने सभी को आशीर्वाद दिया और अपनी यात्रा का उद्देश्य बताया।
-यहां- यहां हुआ स्वागत
बाबतपुर हाईवे पर आनन्द प्रकाश जी जायसवाल, ऋषि जी यादव व अन्य श्रद्धालुओं के नेतृत्व ने सैकड़ों लोगों ने महाराज जी फूलों से स्वागत किया।
जमदग्नि आश्रम जमेठा में शंकराचार्य जी महाराज ने जमदग्नि ऋषि का पूजन कर वहां मौजूद भक्तों को संबोधित किया। पूरा आश्रम गौमाता व भगवान शंकराचार्य जी के जयकारों से गूंज उठा।
सीहीपुर चौराहा पर रामसूरत जी यादव के साथ सैकड़ों लोगों ने फूल मालाओं से महाराजश्री का स्वागत किया। महाराज जी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए 11 मार्च को लखनऊ आने को बोला।
बदलापुर हाईवे पर अंकुर जी उपाध्याय, प्रांकुर जी व अन्य सैकड़ों लोगों ने महाराजश्री का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।
ढकवा चौराहा पर शंकराचार्य जी महाराज के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगीराज जी के साथ स्वागत के लिये लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
लंभुवा बाजार में हनुमान मंदिर में दर्शन कर शंकराचार्य जी महाराज ने वहां मौजूद हजारों लोगों को संबोधित किया और यात्रा का उद्देश्य बताया। गौमाता राष्ट्रमाता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
दुर्गा देवी मंदिर लोहरा मऊ में योगेश तिवारी व अन्य लोगों ने शंकराचार्य जी भगवान का स्वागत कर उनसे 11 मार्च को लखनऊ आने को कहा।
सुल्तानपुर हाईवे पर अनुराग सिंह जी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने फूल मालाओं व पुष्पवर्षा कर महाराज जी को जोरदार स्वागत किया।
गौरीगंज- अमेठी रोड पर भी महाराज जी का स्वागत करने के लिए पहले से श्रद्धालु मौजूद थे।
गौरीगंज में कृष्णानंद पांडे जी के यहां पादुका पूजन व धर्मसभा का आयोजन हुआ, जहां यात्रा के को-ऑर्डिनेटर व अमेठी के गो- सांसद राकेश तिवारी जी ने माल्यार्पण कर स्वागत किया और वहां उपस्थित शिष्य गणों व विद्वान आचार्य गणों द्वारा मंगलाचरण किया गया। महिलाओं ने आरती उतारी, पुष्प बरसाकर भव्य स्वागत और अभिनंदन वंदन किया गया।
तत्पश्चात गौरीगंज जिला मुख्यालय स्थित देव इंटरप्राइजेज पर जिला पंचायत सदस्य डॉ. केडी सरोज व डॉ. सिंधु जीत सिंह जी द्वारा और गांधी नगर में अनुराग सिंह जी बहादुरपुर जायस में दयाशंकर पांडेय प्रबंधक अष्टभुजा इंटर कॉलेज शाह मऊ तिलोई व चंकी पांडेय जी द्वारा माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ भेंट कर भव्य और दिव्या स्वागत किया गया।
अनाज मंडी के सामने जायस में भी महाराजश्री का जोरदार स्वागत हुआ।
रायबरेली में रानी झलकारी बाई चौराहा के पास यश पाण्डेय जी के निजी निवास पर रात्रि विश्राम किया।
8 मार्च सुबह 8.30 बजे यात्रा लालगंज, मदनखेड़ा होते हुए उन्नाव के लिये रवाना होगी। रात्रि विश्राम उन्नाव में होगा।

#रायबरेली #काशी #धर्मयुद्ध #शंखनाद #गौ_प्रतिष्ठा_आंदोलन #ShankaracharyaAvimukteshwaranandSaraswatijimaharaj #JyotirmathShankarcharya #sanatandharma #गौमाता #राष्ट्रमाता #सत्यमेव_जयते #लखनऊ

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good news प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वनभूलपूरा पर SC की टिप्पणी उत्साहबर्धक, राज्य के अवैध कब्जामुक्त होने की जगी उम्मीद; मनवीर चौहान https://laxyanews.com/uttarakhand/good-news-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=good-news-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25a6%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%25b6-%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25a7%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25af%25e0%25a4%2595%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b7-%25e0%25a4%25a8%25e0%25a5%2587-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b9%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25bf https://laxyanews.com/uttarakhand/good-news-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf/#respond Wed, 25 Feb 2026 21:31:11 +0000 https://laxyanews.com/?p=55136  

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वनभूलपूरा पर SC की टिप्पणी उत्साहबर्धक, राज्य के अवैध कब्जामुक्त होने की जगी उम्मीद; मनवीर चौहान The state president said that the SC’s comment on Vanbhoomipura

बाहरी कब्जेदारों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

गोट खत्तों को राजस्व ग्राम बनाने को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन नौटंकी

देहरादून 25 फरवरी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि वन भूलपुरा अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को उत्साहबर्धक बताते हुए कहा कि इससे राज्य को अबैध कब्जा मुक्त करने की दिशा मे एक उम्मीद जगी है।

भट्ट ने कहा कि देर सबेर न्यायालय का निर्णय सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण को लेकर आ सकता है। जहां तक प्रभावितों की बात है तो पीएम आवास एवं अन्य योजनाओं के माध्यम नियमानुसार पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनभूलपूरा अतिक्रमण को लेकर पार्टी का मत स्पष्ट है। राज्य में अवैध कब्जा स्वीकार नही किया जायेगा। फिलहाल यह प्रकरण सर्वोच्च अदालत में लंबित है और सभी को अंतिम निर्णय का इंतजार है। हालांकि अब तक की सुनवाई में विद्वान न्यायाधीशों की जो भी टिप्पणियां आई हैं वे इस मुद्दे पर हमारे रुख को स्पष्ट करती हैं। वहां सरकारी जमीन पर दशकों तक तय रणनीति के तहत अवैध कब्जा किया गया है, जिसे पूर्व में यूपी उत्तराखंड की विपक्षी सरकारों का संरक्षण प्राप्त हुआ था। चूंकि रेलवे की तरफ से किए गए वाद पर हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई के आदेश का प्रदेश सरकार पालन कर रही थी, लेकिन कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए। अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों में भी स्पष्ट हुआ है कि वहां बसे हुए अधिकांश लोग अवैध कब्जेदार हैं। जिनका कोई भूमि अधिकार नहीं है कि वे रेलवे विकास योजनाओं के खिलाफ जाएं। इससे पूर्व ही सरकार और रेलवे द्वारा वहां के पीड़ित परिवारों के पुनर्वास को लेकर संविधान प्रद्धत योजनाएं प्रस्तुत की गई थी। लेकिन कुछ कट्टरपंथियों और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा उन्हें भड़काया गया है और जिससे कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। आज भी वहां पर कांग्रेस के स्थानीय विधायक और नेताओं द्वारा अवैध अतिक्रमणकारियों को न्यायालय में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार देवभूमि की डेमोग्राफी और शांति को बनाए रखने के लिए पहले ही अवैध कब्जों पर ताबडतोड ऐक्शन ले रही है। उसी क्रम में इस प्रकरण में जब अंतिम निर्णय आएगा उसे पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। हमारी सरकार वैध कब्जेदारों को रेलवे द्वारा निर्धारित पुनर्वास नीति के तहत संरक्षण में सहायता करेगी और उसके अतिरिक्त जो भी जरूरतमंद परिवार होंगे उन्हें नियमों के दायरे में पीएम आवास योजना के तहत बसाया जाएगा। इससे अलग जो बाहर से आकर अवैध रूप वहां रह रहे हैं, उन्हें तो जाना ही होगा। भाजपा सरकार नीति और नीयत, देवभूमि की डेमोग्राफी, शांति व्यवस्था और धार्मिक सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के पक्ष में है।

भट्ट ने गोठ खत्तों को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को झूठा शो करार दिया। उन्होंने सभी समुदायों के अधिकारों के सरंक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अपनी डबल इंजन सरकार मे कांग्रेस उनके अधिकारों को लेकर उदासीन और उनको छलने का कार्य करती रही और अब नौटंकी कर रही है।

 

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चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का भव्य शुभारम्भ, मुख्यमंत्री धामी ने संस्कृति संरक्षण का दोहराया संकल्प जानिए सभी समाचार https://laxyanews.com/uttarakhand/55111chief-minister-dhami-reiterated-his-resolve-to-preserve-culture-know-all-the-news/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=55111chief-minister-dhami-reiterated-his-resolve-to-preserve-culture-know-all-the-news https://laxyanews.com/uttarakhand/55111chief-minister-dhami-reiterated-his-resolve-to-preserve-culture-know-all-the-news/#respond Tue, 24 Feb 2026 20:33:36 +0000 https://laxyanews.com/?p=55111

 

https://www.facebook.com/share/r/1CUmGuJgsG/ श्री गणेशाय नमः

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677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी, आजीविका सशक्तिकरण पर फोकस *
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में सचिव डी.एस. गब्रियल द्वारा वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष प्रगति एवं अनुपालन रिपोर्ट तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया गया।

समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को अनुमोदित किया। प्रस्तावित कार्ययोजना में स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, आय सृजन गतिविधियों, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि एवं सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने संबंधी कार्यक्रमों को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

*2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य, योजनाओं में कन्वर्जेंस पर जोर*
मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 के लिए 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि REAP परियोजना से लाभान्वित महिलाओं को अन्य विभागीय एवं केंद्र/राज्य योजनाओं से भी जोड़ा जाए तथा सभी योजनाओं का समेकित विवरण संकलित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण परिवारों को सतत रूप से ऊपर उठाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और गहन होमवर्क करने के निर्देश भी दिए गए।

*समान प्रकृति के स्वयं सहायता समूहों की पहचान, महिला किसान वर्ष 2026 पर विशेष रणनीति*
मुख्य सचिव ने समान कार्य प्रकृति वाले महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार की दृष्टि से बेहतर सहयोग देने की रणनीति तैयार करने को कहा।
वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। सभी जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर उनके मुद्दों को समझते हुए समाधान आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

*अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय, पलायन रोकथाम पर फोकस*
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटर की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इन अनउपयोगित ग्रोथ सेंटरों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से प्रभावी रूप से उपयोग में लाने हेतु ठोस योजना तैयार की जाए।

विदित है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करने और पलायन की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में इस वित्तीय वर्ष महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

इस दौरान बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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*पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश*
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुवीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार व आजीविका से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। जनपदों से आने वाले प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेज़ रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन में कार्य पूर्ण किए जाएं। पुराने क्रियान्वयनों की समीक्षा करते हुए योजनाओं से धरातली आउटकम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
*टारगेटेड अप्रोच व संसाधन-आधारित इंटरवेंशन पर बल*
मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में टारगेटेड अप्रोच और प्रभावी इंटरवेंशन अपनाने के निर्देश दिए ताकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार व आजीविका के मामलों में अन्य सीमांत गांवों के लिए प्रेरणादायी मॉडल बनें। साथ ही सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमी (गैप) का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी अनुरूप योजनाओं का इम्प्लीमेंटेशन किया जाए।

*वार्षिक कार्ययोजना 2025-26: प्रगति तेज़ करने के निर्देश*
बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि योजनाओं का प्रभाव दिख रहा है, किंतु और बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
MPRY के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 12 जनपदों में 90 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
MBADP के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 5 सीमांत जनपदों के चिन्हित विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
संदर्भित है कि MPRY उत्तराखंड के 50% तक पलायन-प्रभावित 474 गांवों में आवासीय परिवारों, बेरोजगार युवाओं एवं रिवर्स माइग्रेंट्स को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु संचालित है। MBADP के माध्यम से पांच सीमांत जनपदों के सीमांत विकासखंडों में सतत आजीविका व स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराकर पलायन रोकने और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे व डी.एस. गब्रियाल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अनुराधा पाल, झरना कमठान, हॉफ वन विभाग रंजन कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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नाबार्ड ने उत्तराखंड स्टेट क्रेडिट सेमिनार में जारी किया ‘स्टेट फोकस पेपर 2026–27’

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन द्वारा ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का विमोचन

देहरादून, 24 फरवरी 2026:

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आज स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026–27 का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्टेट फोकस पेपर (SFP) 2026–27 का औपचारिक विमोचन किया गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का आकलन प्रस्तुत किया गया—जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले 20.51% की वृद्धि है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन थे। कार्यक्रम में डॉ. एस.एन. पांडे (सचिव–कृषि), डॉ अहमद इक़बाल (सचिव–सहकारिता), श्री नवनीत पाण्डेय (अपर सचिव-वित्त), भारतीय रिज़र्व बैंक के महाप्रबंधक, SLBC, PNB, SBI सहित विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों, राज्य सहकारी बैंक, जिला मध्यवर्ती बैंक के सदस्य, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी तथा कृषक उत्पादक संघटनों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
वन संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक—“वन अम्मा” के नाम से प्रसिद्ध श्रीमती भगिरथी देवी—की उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन का वक्तव्य
मुख्य सचिव ने हर वर्ष स्टेट फोकस पेपर जारी करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अवसंरचना सहायता के अतिरिक्त नाबार्ड द्वारा क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भी नाबार्ड की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आजीविका संबंधी चुनौतियों, पर्वतीय क्षेत्रों से निरंतर हो रहे पलायन, अवसंरचना की कमी तथा जल-संबंधी समस्याओं जैसे गंभीर मुद्दों को संबोधित करने हेतु की जा रही निरंतर पहलों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने उल्लेख किया कि इन प्रयासों के बावजूद, राज्य का क्रेडिट–डिपॉज़िट (CD) अनुपात अभी भी अत्यंत निम्न स्तर पर है, जो आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करता है और विभिन्न विकास कार्यक्रमों के प्रभाव को सीमित कर देता है।
उन्होने यह भी रेखांकित किया कि यद्यपि उत्तराखंड ने अब तक 29 भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पाद प्राप्त किए हैं, लेकिन इन पारंपरिक उत्पादों से जुड़े स्थानीय उत्पादकों एवं समुदायों को अभी तक अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल पाए हैं।
आगे की दिशा बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों में बैंकों की सक्रिय भूमिका और गहन भागीदारी अत्यावश्यक है, जिससे सतत आजीविका अवसर सुनिश्चित हो सकें और विकास पहलों का लाभ वास्तव में जमीनी स्तर तक पहुँचे।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री पंकज यादव का संबोधन
मुख्य महाप्रबंधक श्री पंकज यादव ने बताया कि नाबार्ड को ग्रामीण समृद्धि को सक्षम करने वाले एक मजबूत विकासात्मक इकोसिस्टम के रूप में पहचान मिल रही है—जो नवाचार, समावेशन और सतत विकास को बहु-क्षेत्रीय स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के संदर्भ में उन्होंने कृषि समुदाय को सशक्त करने, आजीविका को मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा देने हेतु नाबार्ड की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
उन्होंने जानकारी दी कि—
चंपावत जिले में वन पंचायतों के सहयोग से एक पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका उन्नयन का समुदाय आधारित मॉडल विकसित किया जाएगा।
इसी प्रकार उत्तरकाशी में एक परियोजना शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिला किसानों की मेहनत को कम करना है। इसके तहत उपयुक्त कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर गरिमा, परिचालन क्षमता और उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
CGM ने उल्लेख किया कि—
Agri Stack का कार्यान्वयन जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह को सहज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसान डेटा का एकीकरण, लक्षित लाभार्थी पहचान और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF) को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ किए जाने से उत्तराखंड को कृषि अवसंरचना एवं वैल्यू एडिशन सुविधाओं में निवेश बढ़ाने के बड़े अवसर प्राप्त होंगे।
e-KCC का प्रभावी क्रियान्वयन ऋण वितरण को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और किसानों को समयबद्ध एवं परेशानी-मुक्त ऋण सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर राज्य में एक लचीली, प्रौद्योगिकी-संचालित और किसान-केंद्रित कृषि प्रणाली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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“वन-अम्मा” का संबोधन
चम्पावत जिले के मनर गाँव की भगिरथी देवी, जिन्हें पूरे क्षेत्र में स्नेहपूर्वक “वन-अम्मा” के नाम से जाना जाता है, ने संगोष्ठी के दौरान महिला-नेतृत्वयुक्त वन संरक्षण के अपने उल्लेखनीय अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जंगलों की रक्षा उनके लिए प्रेम और ज़िम्मेदारी का एक मिशन रहा है। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से “वन-अम्मा” ने 12 हेक्टेयर बंजर भूमि को पुनर्जीवित किया और उन प्राकृतिक जलस्रोतों को बहाल किया जो लंबे समय से सूख रहे थे। उन्होंने अनुभव साझा किया कि जंगलों के पुनर्जीवन ने न केवल हरियाली लौटाई, बल्कि खेती और घरेलू उपयोग के लिए कई गाँवों में विश्वसनीय जल उपलब्धता भी सुनिश्चित की।
संगोष्ठी के दौरान NABARD द्वारा समर्थित एफपीओ, जनजातीय विकास परियोजनाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने भी अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए।
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स्टेट फोकस पेपर 2026–27 की प्रमुख झलक
कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता — ₹65,916 करोड़
कृषि क्षेत्र – ₹23,248.82 करोड़
एमएसएमई (MSME) – ₹36,761.17 करोड़
अन्य प्राथमिक क्षेत्र – ₹5,906.27 करोड़
SFP, जिला-स्तरीय PLP के आधार पर तैयार किया गया है और यह बैंकों एवं विभागों के लिए राज्य के विकास की दिशा में एक रणनीतिक मार्गदर्शक का कार्य करेगा।
नाबार्ड की प्रतिबद्धता
नाबार्ड द्वारा जलवायु-अनुकूल कृषि, सहकारी क्षेत्र का डिजिटलीकरण, ग्रामीण अवसंरचना निधि, MSME संवर्द्धन, FPO समर्थन, SHG सशक्तिकरण तथा डिजिटल वित्तीय समावेशन जैसे अनेक क्षेत्रों में निरंतर प्रयास जारी हैं।
[24/02, 6:31 pm] +91 75001 17686: *एसडीएमपी व डीडीएमपी जल्द जारी होंगी*
*सचिव आपदा प्रबंधन ने की प्रगति की समीक्षा*
देहरादून। राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन योजना एवं जनपद आपदा प्रबंधन योजनाओं को अद्यतन किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस संबंध में मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजनाओं के अद्यतन कार्य की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य तथा जनपद आपदा प्रबंधन योजनाओं का कार्य लगभग अंतिम चरण में हैं और शीघ्र ही इन्हें प्रकाशित किया जाएगा। सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, बदलते जलवायु परिदृश्य, नई तकनीकों के समावेशन तथा पूर्व में घटित आपदाओं से प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखते हुए एसडीएमपी एवं डीडीएमपी को समय-समय पर अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अद्यतन योजनाओं में जोखिम मूल्यांकन, संसाधन मैपिंग, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता तथा विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे आपदा के समय त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, योजनाओं को फील्ड स्तर पर अधिक व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग एवं जनपद प्रशासन योजनाओं के अद्यतन में सक्रिय सहयोग करें तथा स्थानीय स्तर की चुनौतियों एवं आवश्यकताओं को योजनाओं में समुचित रूप से शामिल किया जाए। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

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चंपावत में खड़ी होली महोत्सव का भव्य शुभारम्भ, मुख्यमंत्री धामी ने संस्कृति संरक्षण का दोहराया संकल्प*


*कुमाऊँ की लोकपरंपराओं को सहेजने का संदेश, खड़ी-बैठकी होली को बताया सामाजिक समरसता की पहचान*

*लोककला के संवर्धन हेतु सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में कलश संगीत कला समिति द्वारा आयोजित खड़ी होली महोत्सव का वर्चुअल माध्यम से विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊँ अंचल की खड़ी होली एवं बैठकी होली केवल एक पर्व या सांस्कृतिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक समरसता की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक एकता को सशक्त बनाती आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। होली के पारंपरिक गीतों, वाद्ययंत्रों और सामूहिक सहभागिता से परिपूर्ण यह उत्सव लोगों को बचपन की मधुर स्मृतियों से जोड़ता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का माध्यम बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों, मेलों एवं महोत्सवों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जा रहा है। इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत सशक्त हो रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी नई पहचान और अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे तथा सामाजिक सौहार्द और सामूहिकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि कलश संगीत कला समिति द्वारा इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, कलाकार एवं सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे।
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उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award हेतु चयन*

 

*चारधाम यात्रा 2025 के अभिनव ट्रैफिक कंट्रोल मॉडल के लिये युवा पुलिस अधिकारी लोकजीत सिंह को मिला राष्ट्रीय सम्मान*

एसपी (ट्रैफिक ) लोकजीत सिंह के नेतृत्व में देहरादून ट्रैफिक पुलिस की पहल बनी सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण*

उत्तराखंड पुलिस के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए चयनित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शासन एवं विकास के क्षेत्र में विशिष्ट और परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।

चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को सुचारु, सुरक्षित एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल समन्वय, इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया गया। इस नवाचार के परिणामस्वरूप यातायात जाम में कमी, तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस व युवा पुलिस अधिकारी एसपी ( ट्रैफिक ) श्री लोकजीत सिंह की तकनीकी दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी यातायात प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट के दौरान प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर एसपी ( ट्रैफिक ) श्री लोकजीत सिंह सहित पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी उत्तराखंड पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत है तथा भविष्य में भी नवाचार आधारित पुलिसिंग को प्रोत्साहन देता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि चारधाम यात्रा के उत्कृष्ट, सुव्यवस्थित और प्रभावी प्रबंधन के लिए युवा पुलिस अधिकारी श्री लोकजीत सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Group द्वारा प्रदान किए जाने वाले SKOCH AWARD से सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल एक अधिकारी के उत्कृष्ट नेतृत्व की पहचान है, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक दक्षता और पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी है।

वर्ष 2024 की चारधाम यात्रा के दौरान आई चुनौतियों ने प्रशासन को अनेक महत्वपूर्ण सीख दी थीं। इन्हीं अनुभवों को आधार बनाते हुए पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025 की यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक सशक्त रणनीति तैयार की। IG रेंज के अंतर्गत एक केंद्रीकृत और प्रभावी कंट्रोल रूम के गठन का निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी एसपी श्री लोकजीत सिंह को सौंपी गई। सीमित समय में ही उन्होंने अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम की स्थापना कर व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दीं। आधुनिक तकनीकी संसाधनों, निरंतर मॉनिटरिंग और बहु-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यात्रा प्रबंधन को एक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख ढांचे में ढाल दिया गया।

चारधाम यात्रा 2025 सरकार, शासन और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि लक्ष्य केवल व्यवस्थाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना था। श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में कंट्रोल रूम ने व्यवस्थित योजना और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य किया। यात्रा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को गतिशील और संवेदनशील तरीके से संभाला गया। धराली आपदा के समय रेस्क्यू कार्यों का प्रभावी समन्वय, पहलगाम आतंकी हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, तथा विभिन्न हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी—इन सभी जटिल परिस्थितियों में उन्होंने सूझबूझ, संयम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। संकट की हर घड़ी में कंट्रोल रूम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सका।

श्री लोकजीत सिंह की यह उपलब्धि उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्यों की श्रृंखला का एक और स्वर्णिम अध्याय है। इससे पूर्व वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित FICCI द्वारा FICCI Smart Policing Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया था।

चारधाम यात्रा जैसे विशाल और आस्था से जुड़े आयोजन का सफल संचालन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनविश्वास और सुरक्षा का प्रश्न भी होता है। एसपी श्री लोकजीत सिंह ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सुनियोजित रणनीति और समर्पित प्रयासों से कठिन से कठिन चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान संभव है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा, गौरव और विश्वास का प्रतीक है।
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*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूकास्ट की सामान्य महासभा बैठक, उत्तराखंड में विज्ञान–तकनीक इकोसिस्टम सुदृढ़ करने पर मंथन*
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) की सामान्य महासभा (General Body) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जुड़े देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों एवं प्रमुख उद्यमियों ने भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।

बैठक में उत्तराखंड में विज्ञान एवं तकनीक आधारित इकोसिस्टम और वैज्ञानिक टेंपरामेंट विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। यूकास्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत द्वारा परिषद की उपलब्धियों, संचालित कार्यक्रमों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक में अवगत कराया गया कि 88.8 मेगाहर्ट्ज़ पर विज्ञान वाणी, विज्ञान दृश्यम एवं विज्ञान धारा जैसे कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड में विज्ञान के लोकव्यापीकरण को नई गति मिली है। इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रदेश की वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार का प्रभावी माध्यम बताया गया।
*STEM में रुचि बढ़ाने, मेंटरशिप, लैब ऑन व्हील्स के विस्तार और जिला-स्तरीय नवाचार केंद्रों पर जोर*
बैठक में अल्मोड़ा जनपद के मानसखंड में स्थापित मानसखंड साइंस सेंटर, चंपावत विज्ञान केंद्र तथा प्रत्येक जनपद में नवाचार केंद्रों की स्थापना पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक का अधिकतम प्रसार किया जाए तथा STEM विषयों में विद्यार्थियों एवं युवाओं की रुचि विकसित की जाए। विद्यालयों में विज्ञान संवाद, पॉडकास्ट, साइंस पत्रिका तथा संगठित मेंटरशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा प्रभावी मेंटरशिप हेतु SOP तैयार करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित लैब ऑन व्हील्स कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में अपग्रेड एवं विस्तारित किया जाए। उन्होंने उत्तराखंड को एक आदर्श वैज्ञानिक इकोसिस्टम मॉडल के रूप में विकसित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में सचिव नितेश झा, रंजीत सिन्हा व रविनाथ रामन, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (IIP) के निदेशक हरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रमुख उद्यमी डॉ. लडवाल, एनएमसी सदस्य डॉ. डी. के. गुप्ता, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान सहित देशभर से विज्ञान एवं तकनीक क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नेशनल आयुष मिशन उत्तराखंड की समीक्षा बैठक*
देहरादून।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में नेशनल आयुष मिशन, उत्तराखंड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
*30 व 10 बेड के आयुष चिकित्सालयों को अपग्रेड करने के निर्देश*
मुख्य सचिव ने 30 बेड एवं 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों को प्रभावी रूप से प्रमोट करने तथा उनके बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच को सुदृढ़ किया जाए।

*एलोपैथी–आयुर्वेद समन्वय से ‘मॉडल आयुष चिकित्सा’ का विकास*
मुख्य सचिव ने एलोपैथी एवं आयुर्वेद विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उत्तराखंड की आयुष चिकित्सा को ‘मॉडल चिकित्सा’ के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

*ओपीडी विश्लेषण, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व पीपीपी अस्पतालों की स्क्रूटनी*
मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित आयुष ओपीडी का समग्र विश्लेषण करने, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पीपीपी मोड से संचालित आयुष चिकित्सालयों के रिस्पांस की स्क्रूटनी करने के निर्देश दिए गए।

*प्राइवेट पार्टनर्स के साथ एमओयू की समीक्षा*
मुख्य सचिव ने सचिव आयुष को निर्देशित किया कि प्राइवेट पार्टनर्स के साथ पूर्व में हुए एमओयू की समीक्षा कर संबंधित भागीदारों से समन्वय किया जाए। राज्य में आयुष के लिए विकसित इकोसिस्टम से उन्हें अवगत कराते हुए उनकी समस्याएँ सुनी जाएँ और राज्य का अपेक्षित सहयोग उनसे साझा किया जाए।

*भारत सरकार को 52 करोड़ रुपये की मांग प्रस्ताव को स्वीकृति*
आयुष विभाग द्वारा नेशनल आयुष मिशन के तहत भारत सरकार से 52 करोड़ रुपये की मांग का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे मुख्य सचिव ने अनुमोदित किया। प्रस्ताव के अंतर्गत इस वर्ष 13 जनपदों में 13 सुप्रजा केंद्र (आयुर्वेदिक एंटेनेटल केयर आधारित) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किए जाएंगे। इनमें पंचकर्म सुविधाएँ, विशेषज्ञ चिकित्सा तथा प्रशिक्षित पंचकर्म सहायकों की उपलब्धता शामिल है। अनुमोदित प्रस्ताव शीघ्र भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा।

*आयुष अस्पतालों की प्रगति*
वित्तीय वर्ष में पथरी (हरिद्वार), भीमताल (नैनीताल) एवं टनकपुर (चंपावत) के आयुष अस्पताल पूर्ण हो जाएंगे, जबकि हल्द्वानी (नैनीताल) में कार्य प्रगति पर है।

*प्रत्येक जनपद में मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रस्ताव*
आयुष विभाग द्वारा प्रत्येक जनपद में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालन का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।

*डिजिटल पहल: आयुर तरंगिणी व आयुर वाणी*
आयुष विभाग की वेबसाइट पर आयुर तरंगिणी मासिक ई-मैगजीन उपलब्ध है, जिसमें विभिन्न आयुष चिकित्साओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही यूट्यूब पर आयुर वाणी पॉडकास्ट सीरीज का नियमित प्रसारण किया जा रहा है। सामान्य जनमानस इसका लाभ उठा सकता है।

बैठक में सचिव रंजना राजगुरु, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडेव नवनीत पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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*उत्तराखण्ड में बिल्डिंग बायलाॅज में होगा संशोधन*
*मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गठित की समिति*
*उत्तराखण्ड के जोन छह में आने के बाद उठाया अहम कदम*
*सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप करेंगे समिति की अध्यक्षता*
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मानक ISO 1893-2025 के अनुसार पूरे राज्य के भूकंप जोन छह में शामिल होने के बाद अब बिल्डिंग बायलाॅज में व्यापक संशोधन किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की समीक्षा एवं संशोधन हेतु सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार को समिति का संयोजक बनाया गया है। बता दें कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में बिल्डिंग बायलाॅज भारतीय मानक ब्यूरो के पुराने संस्करण ISO 1893-2002 पर आधारित हैं।
समिति में सीबीआरआई रुड़की, भारतीय मानक ब्यूरो, आईआईटी, ब्रिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति वास्तुविदों के साथ ही विभिन्न अभियंताओं से भी विचार-विमर्श करेगी। समिति का उद्देश्य राज्य के मौजूदा बायलाॅज का गहन अध्ययन करते हुए उन्हें वर्तमान भूकंपीय मानकों, जलवायु परिस्थितियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए भवन निर्माण के नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है। राज्य सरकार भवन बायलाॅज को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और आपदा-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। समिति भवन बायलाॅज को अधिक व्यवहारिक, सुरक्षित और आपदा-रोधी बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आपदा जोखिम में कमी आएगी।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नियमों में बदलाव करना नहीं बल्कि सुरक्षित निर्माण की संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने बताया कि संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज में भूकंप-रोधी डिजाइन, भू-तकनीकी जांच, विंड लोड और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय पारंपरिक निर्माण तकनीकों और जलवायु अनुकूल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सतत एवं आपदा-सक्षम विकास सुनिश्चित हो सके।
बता दें कि नए बिल्डिंग बायलाॅज लागू होने से भवनों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी, आपदा के दौरान जन-धन की हानि कम होगी और सुरक्षित व टिकाऊ शहरी विकास व निर्माण को नई दिशा मिलेगी। समिति अपनी रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा आवास विभाग को सौंपेगी। समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आवास विभाग द्वारा बायलाॅज में आवश्यक संशोधन एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

*समिति का कार्यक्षेत्र*
ऽ उत्तराखण्ड राज्य के वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की विस्तृत समीक्षा, विश्लेषण एवं मौजूदा तकनीकों का आकलन।
ऽ राज्य में मौजूद भूकंप, भूस्खलन और अन्य आपदा जोखिमों को समाहित करते हुए संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज का मसौदा तैयार करना।
ऽ भूकंप-रोधी डिजाइन, नई निर्माण तकनीकों एवं संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को शामिल करना।
ऽ पारंपरिक पहाड़ी निर्माण प्रणालियों को वैज्ञानिक रूप से आधुनिक नियमों में समाहित करना।
ऽ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल निर्माण के लिए विशेष प्रावधान तैयार करना।
ऽ संशोधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना एवं दिशा-निर्देश प्रस्तुत करना।
ऽ इंजीनियरों, योजनाकारों एवं संबंधित विभागों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के सुझाव देना।

*समिति में ये हैं शामिल*
समिति की अध्यक्षता सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार करेंगे, जबकि यूएलएमएमसी, देहरादून के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार को संयोजक बनाया गया है। समिति में डॉ. अजय चैरसिया (मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई रुड़की), प्रो. महुआ मुखर्जी (वास्तुकला विभाग, आईआईटी रुड़की), सुश्री मधुरिमा माधव (वैज्ञानिक ‘ब्’, भारतीय मानक ब्यूरो, नई दिल्ली), डॉ. पी.के. दास (वरिष्ठ ग्रामीण आवास सलाहकार, यूएनडीपी), आर्किटेक्ट एस.के. नेगी (पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई शिमला), उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के नामित प्रतिनिधि, ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भूकंप विशेषज्ञ धर्मेन्द्र कुशवाहा एवं भू-भौतिक विज्ञानी डॉ. विशाल वत्स सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

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पानी के टैंकर ने युवक को मारी टक्कर,मौत
हरिद्वार। मंगलवार सुबह बहादराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के समीप स्थित पुलिया पर  एक पानी के टैंकर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी।
मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज  दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय हिमांशु, निवासी सीतापुर बलुवा बाजार, जिला सुपौल (बिहार), मंगलवार सुबह बाइक से रुड़की से हरिद्वार की ओर जा रहा था। जैसे ही वह बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के समीप पुलिया के पास पहुंचा, पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने उसे टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक टैंकर के नीचे आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दौरान हाइवे पर जाम की स्तिथि भी बनी।
सूचना पाकर बहादराबाद थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने टैंकर और क्षतिग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि मृतक के स्वजन को घटना की सूचना दे दी गई है।
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खुद को गोली मारकर खनन कारोबारी ने की आत्महत्या
नैैनीताल। देर रात पारिवारिक विवाद के चलते खनन कारोबारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार  चोरगलिया के गजेपुर गांव में देर रात खनन कारोबारी कमलेश बेलवाल (35) का  घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला इतना बढ़ गया कि कमलेश ने गुस्से में आकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर दौड़े, जहां कमलेश लहूलुहान हालत में पड़े थे। परिजन आनन-फानन में कमलेश को हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सुसाइड की वजह पारिवारिक विवाद सामने आई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद इतना गंभीर कैसे हो गया कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी।

देवर के साथ मेला देखने गई महिला से सामुहिक दुष्कर्म,आरोपियों की तलाश जारी
उधमसिंहनगर। रूद्रपुर में बदमाशों द्वारा एक महिला के साथ तमंचे व चाकुओं की नोक पर सामुहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। हालांकि पुलिस ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार रूद्रपुर निवासी एक महिला ने कोतवाली रूद्रपुर में तहरीर देकर बताया गया कि रविवार रात वह अपने देवर के साथ गांधी पार्क में सरस मेला देखने गई थी। यहां इंडियन आइडल विजेता पवनदीप के प्रोग्राम के बाद रात करीब 10 बजे वह देवर के साथ बाइक पर लौट रही थी। बताया कि उन्हें इंदिरा चौक से घर जाना था लेकिन देवर के दोस्तों ने उन्हें किच्छा बाईपास सड़क से चलने के लिए कहा। बीएचईएल कंपनी के पीछे सुनसान सड़क पर पहुंचने पर देवर के दोस्तों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दो दोस्तों ने तमंचे व चाकू के बल पर महिला से बारी-बारी दुष्कर्म किया। इसके बाद उन्होंने तीसरे युवक को भी बुलाया और उससे भी दुष्कर्म करने को कहा लेकिन वह मौके पर आकर चला गया। महिला किसी तरह देवर के साथ घर पहुंची और पति व परिजनों को घटना की जानकारी दी। महिला की तहरीर पर पुलिस ने राजा निवासी खेड़ा, करन निवासी भदईपुरा और दो अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म करने, धमकी देने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

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सिलेंडर फटने से दुकानों में लगी आग


हरिद्वार। देर रात कोतवाली क्षेत्र में  सिलेंडर फटने के बाद लगी आग ने तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इसकी सूचना मिलते ही  पुलिस व दमकल कर्मियों ने मौके पर पहंुचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
मिली जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली स्थित विष्णु घाट के समीप देर रात तीन दुकानों में भीषण आग लग गई। आग लगने की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण छोटा सिलेंडर फटना बताया जा रहा है। संकरी गलियों में आग लगने से फायर ब्रिगेड को पहुंचने में भी काफी मुश्किल हुई। गनीमत रही कि आग लगने से कोई हताहत नहीं हुआ है। रात में बाजार पूरी तरह से बंद था। अगर आग दिन में लगती, तो हादसा बड़ा हो सकता था।
बताया जा रहा है कि देर रात करीब एक बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के विष्णु घाट चौक पर खाने पीने की दुकानों से धुआं निकलता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगने के कारण मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि भीषण आग में एक दुकान में रखा एलपीजी गैस सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। सिलेंडर के फटते ही इस दौरान आग भीषण हो गई। सिलेंडर फटने से होटल हरि निवास और राज होटल के दूसरे तल तक आग की लपटें पहुंच गईं। इसी बीच लोगों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले नजदीकी होटलों के कमरों में रुके यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। साथ ही दुकानों में रखे चार अन्य सिलेंडर को सकुशल बाहर निकाले गए। फायर टीम ने मौके पर बड़ी दुर्घटना होने से बचायी और कोई जनहानि नहीं हुई। फायर कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भीषण आग पर काबू किया और आग को आसपास स्थित दुकानों व होटलों में फैलने से रोका।

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धारदार हथियारों से युवक पर जान लेवा हमला,हालत गंभीर
हरिद्वार। सोमवार देर शाम झबरेड़ा क्षेत्र में  दर्जनों हमलावरों ने एक युवक को घेरकर उस पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया।

हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल पहुंचाया गया है। हालत गम्भीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रैफर कर दिया है। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार झबरेड़ा क्षेत्र के कोटवाल आलमपुर गांव के पास  तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दर्जनों अज्ञात हमलावरों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। हमलावरों के हाथों में धारदार हथियार थे अचानक हुए इस हमले से घबराकर बाइक सवार दो युवक मौके से भाग निकले, लेकिन राहुल नामक युवक हमलावरों के चंगुल में फंस गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने राहुल पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। युवक की चीखकृपुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। भीड़ को आता देख हमलावर घायल युवक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल राहुल को सिविल अस्पताल रुड़की पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। वही सूचना मिलते ही झबरेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

टिहरी/दिनांक 24 फरवरी, 2026

“जिला/ चार्ज स्तर के अधिकारियों का जनगणना हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम”

“भारत की 16वीं जनगणना हेतु त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ”

आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को जनपद टिहरी में जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल द्वारा जनगणना–2027 के अंतर्गत जनगणना संबंधी अधिकारियों/कर्मचारियों, चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं सेन्सस सहायकों के त्रिदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन के निकट बहुउद्देशीय हॉल में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में किया गया।

जिलाधिकारी ने भारत की 16वीं जनगणना–2027 के प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को पूर्ण मनोयोग से समझें तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि समुचित योजना एवं रणनीति के साथ कार्य करते हुए जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसकी शुद्धता, गोपनीयता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी का वैधानिक कर्तव्य है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी टिहरी एवं संयुक्त निदेशक, जनगणना विभाग, देहरादून शैलेंद्र नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। संयुक्त निदेशक ने जनगणना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए डेटा संकलन प्रक्रिया, जनगणना अधिनियम 1948, जनगणना नियम 1990, जनगणना पदाधिकारियों की भूमिका एवं दायित्व, अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित कर्तव्यों एवं दंड प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर नेहा सिंह ने सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) का परिचय देते हुए यूजर एवं रोल मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स तथा डैशबोर्ड निर्माण की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

इस प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी टिहरी अवधेश कुमार सिंह, एसडीएम टिहरी स्नेहिल कुंवर, एसडीएम प्रतापनगर अंकित राज, डीपीआरओ एम एम खान सहित समस्त नगर पालिका व पंचायत के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित लोग उपस्थित रहे।

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टिहरी/दिनांक 24 फरवरी, 2026

“उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण को लेकर कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित”

“चिन्हीकरण संबंधी प्रकरणों पर प्रशासन ने बढ़ाई प्रक्रिया”

कल सोमवार को जनपद टिहरी गढ़वाल स्थित कलेक्ट्रेट ऑफिस के सभागार में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण के संबंध में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रस्तुत कुल आवेदनों में से तीन आवेदनों पर उप–जिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग की संस्तुति के क्रम में चयन हेतु संस्तुति प्रदान की गई, जिस पर जिलाधिकारी एवं समिति के सभी सदस्यों द्वारा अनुमोदन किया गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग से सत्यापन कार्यवाही हेतु समिति द्वारा पूर्व में संस्तुत प्रकरणों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से जांच उपरांत प्राप्त आवेदनों पर भी जिलाधिकारी एवं समिति सदस्यों द्वारा संस्तुति प्रदान की गई।

अन्य प्राप्त आवेदनों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श करते हुए समिति द्वारा तहसील नैनबाग के ग्राम कसोन, पट्टी छैज्यूला निवासी सुरेंद्र सिंह के प्रकरण में अगली बैठक में संबंधित का शपथ पत्र/एफिडेविट प्रस्तुत करने के उपरांत ही संस्तुति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।

उक्त बैठक में मतेंद्र दत्त बहुगुणा, संजय सजवान, हरिकृष्ण कांसवाल, मुकुल देव, नीतीश कुड़ियाल, शाकम्बरी देवी, कांति कपरान, विजय लक्ष्मी, मनोरमा उनियाल, पूर्णिमा पंवार, नत्थी लाल नौटियाल, सावित्री नौटियाल, सुखदेव बडोनी आदि के प्रकरणों पर समिति के सदस्यों की सहमति प्रदान की गई।

इस अवसर पर देवी सिंह पंवार, लोकेंद्र दत्त जोशी, मुरारी लाल, सतेंद्र भट्ट, पुरुषोत्तम बिष्ट, कुंवर सिंह चौहान, धीरज सिंह राणा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग से प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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कुलगुरु और गुरुकुल परंपरा से ही बचेगा सनातन परिवार:श्री रतन वशिष्ठ जी महाराज https://laxyanews.com/national/the-sanatan-family-will-survive-only-through-the-gurukul-tradition/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=the-sanatan-family-will-survive-only-through-the-gurukul-tradition https://laxyanews.com/national/the-sanatan-family-will-survive-only-through-the-gurukul-tradition/#respond Mon, 23 Feb 2026 00:55:43 +0000 https://laxyanews.com/?p=55072 कुलगुरु और गुरुकुल परंपरा से ही बचेगा सनातन परिवार: *काशी की धरा पर पूज्य श्री रतन वशिष्ठ जी महाराज का ओजस्वी उद्घोष*

The Sanatan family will survive only through the Gurukul tradition.


काशी की पावन धरा पर आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक सद्भावना बैठक आज एक ऐतिहासिक वैचारिक क्रांति की साक्षी बनी, जहाँ वन शक्ति देवी धाम के पीठाधीश्वर एवं ऋषि सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूज्य श्री 1008 रतन वशिष्ठ जी महाराज ने अपने प्राणवान उद्बोधन से सनातन समाज की वर्तमान चुनौतियों पर गहरा प्रहार किया। राष्ट्र और धर्म सेवा में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर चुके महाराज श्री ने अत्यंत व्यथित हृदय से बढ़ते हुए तलाक और बिखरते परिवारों के पीछे ‘मोबाइल रूपी भस्मासुर’, आधुनिक समाज की विकृतियों और न्यायपालिका की विसंगतियों को मुख्य कारण बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज के समय में कुटुंब प्रबंधन के लिए हमें पुनः ‘कुलगुरु और गुरुकुल’ की प्राचीन परंपरा की महती आवश्यकता है, क्योंकि संस्कारों के बिना परिवार ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं। महाराज श्री ने चेतावनी दी कि मोबाइल का सदुपयोग जहाँ वरदान है, वहीं इसका अनियंत्रित दुरुपयोग परिवारों का विनाश कर रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि एक ही छत के नीचे अलग-अलग मतांतरों के लोग रह सकते हैं, बशर्ते परिवार का मुखिया स्वयं को परिस्थितियों के अनुकूल रखे और उसका आचरण धैर्यवान व सही हो। महाराज श्री ने न केवल सामाजिक कुरीतियों बल्कि दोषपूर्ण कानून व्यवस्था, न्यायपालिका की कमियों और दिशाहीन राजनीतिक व्यवस्थाओं पर भी बेबाकी से उंगली उठाई।
महाराज श्री वशिष्ठ जी के इन तीखे और तार्किक विचारों का काशी के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती जी महाराज ने पूर्ण समर्थन किया। शंकराचार्य जी ने कड़े स्वर में कहा कि मंदिरों का धन केवल मंदिरों और सनातन धर्म के उत्थान के लिए ही व्यय होना चाहिए, साथ ही उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता और समाज को बांटने वाली राजनीति को राष्ट्र के लिए घातक बताया। इस महत्वपूर्ण विमर्श के दौरान आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी श्रीमान सोनी जी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाराजश्री ऋषि सनातन संघ के माध्यम से सवा लाख कार्यकर्ताओं का एक समर्पित संगठन शीघ्र स्थापित करेंगे!

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प्रतापनगर की जनता एवं विधायक पहाड़ों की गूंज का सहयोग कर गैरसैंण विधान सभा सत्र में सरकार का ध्यान आकर्षित करें https://laxyanews.com/uttarakhand/people-and-mla-of-pratapnagar-pahadon-ki-goonj-news-paper-ka-sahyog-karna-chahiye/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=people-and-mla-of-pratapnagar-pahadon-ki-goonj-news-paper-ka-sahyog-karna-chahiye https://laxyanews.com/uttarakhand/people-and-mla-of-pratapnagar-pahadon-ki-goonj-news-paper-ka-sahyog-karna-chahiye/#respond Wed, 18 Feb 2026 02:35:03 +0000 https://laxyanews.com/?p=55027

पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ने प्रतापनगर टिहरी बांध प्रभावित आंदोलन में अबतक 56 लाख रुपए की की विज्ञप्ति कर आंदोलन को जीवित रखे हैं इसे सफल बनाने में सभी सहयोग कीजिएगा

दिसंबर 25 को गंगोत्री मुख्य मठ मुखवा में मां से सभी को सुख समृद्धि देने,सद बुद्धि देने के  एंडलिए प्रार्थना की

आप सभी से आग्रह है कि हमने टिहरी बांध बनाने में राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया है। यह हमारे लिए कष्ट दायक होता जा रहा है। पशुओं की भी सेवा सरकार कर रही है और प्रतापनगर में महिलाओं की मौत प्रसव पीड़ित होने की दक्षा में हो रही है।यदि आप टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर गाजना क्षेत्र को बांध प्रभावित होने की परेशानी को दूर करने के लिए हमारे प्रयास को मजबूती प्रदान करना चाहते हैं तो आंदोलन के फल स्वरूप 5 लाख रुपए देने का समझौता DM सचिन कूरवे जी THDC से कराया था जिसे धन राशि की कमी होना बता कर लागू नहीं किया गया अब बांध ने अपनी लागत का ऋण दे दिया है।

हमें विश्व बैंक के माध्यम से अपनी समस्या सुधारने हेतु प्रति परिवार 5 लाख रुपए ब्याज रहित, प्रत्येक बेरोजगार को होम स्टेट और रोजगार के लिए आवश्यकता अनुसार ऋण देने की कार्यवाही करानी है। आप लोग दुनिया में 12 देशों से ज्यादा आबादी के लोगों में है। आप से बिनती है कि आंदोलन को मजबूती से आगे सफ़ल होना देखना चाहते हैं और पीड़ितों की आवाज को एक मंच देना चाहते है।

तो आप पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र के आखरी पने पर समझौता 2009 को लागू करने के लिए 2011 से लगातार साल में 52 अंकों में प्रकाशित करते आ रहे हैं जिसका कि प्रति अंक 5643 रूपये 52 को 15 वर्ष की विज्ञप्ति की 55,75,284 छप्पन लाख रुपए का कार्य डाक व्यय सहित किया। आगे अपनी सफलता पर हमने विश्वास करते हुए 5643 रूपये खर्च कर कर रहे हैं

और अखबार को देश की जनता ,सरकार  को भेजा जाता है।

और अभी भी प्रति सप्ताह कर रहे हैं।इस समाचार पत्र के माध्यम से आंदोलन को मजबूत करने में अपना सहयोग ,योगदान वहां का निवासी होने के नाते अपने विवेक व बिना किसी दबाव में paytm no 9456334283 पर करने का कष्ट करे।आपका योगदान हमारे आंदोलन को सफल बनाने हुए इलाके के लिए महत्वपूर्ण है । टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर के हमारे गांव से 77 परिवारों ने पलायन कर दिया है।

ऐसे प्रत्येक गांव की स्थिति है हमारा पिछड़े वर्ग में आने के लिए वर्ष 1991 अगस्त महीने गंगोत्री से दिल्ली तक सद्भावना पद यात्रा में फिकवाल की पहचान गंगा जल कलश लेकर 22 दिवसीय पद यात्रा की गई । गंगा जल कलश श्री हरीश रावत जी को भेंट किया गंगा जी की कृपा देखिए उनको मुख्यमंत्री बना कर उन्हीं के कर कमलों से हमें फिकवाल घोषित किया गया है भगवान श्री बद्रीविशाल जी हमारी प्रार्थना जरूर पूरी करते हैं। टिहरी बांध जहां देश के लिए वरदान साबित हो रहा है वही हमारे लिए हमारी पलायन करने से हमारी पहचान समाप्त हो रही है। हम विश्व में 12 देशों से ज्यादा आबादी के लोग हैं। इस लिए विश्व बैंक से हम अपने सभ्यता संस्कृति बचाने हेतु न मांग करेंगे । गैरसैंण विधान सभा सत्र में इस बात को प्रतापनगर के विधायक श्री बिक्रम सिंह नेगी को उठाने के लिए सुझाव देते हैं। उन्हीं के समय हमें फिकवाल घोषित करने की आवश्यकता महसूस हुई और उन्होंने किया है।

और 2014 -15 में श्री हरीश रावत जी ने प्रतापनगर को  संवैधानिक अधिकार दिया है जो अभी केंद्र सरकार से मिलना है।वहीं समस्या से भागने पलायन न करने, समस्या को सुधारने हेतु कार्यवाही करने की ताकत आने वाली पीढ़ी को मिलेगी 🙏

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जोशीमठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद महाराजजी 1008 ने सनातन कुंभ क्षेत्र में सनातन बोर्ड का गठन किया https://laxyanews.com/national/%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a0-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%b8%e0%a5%8d/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%258b%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25ae%25e0%25a4%25a0-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25a0%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a7%25e0%25a5%2580%25e0%25a4%25b6%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%25b0-%25e0%25a4%25b5%25e0%25a4%2582%25e0%25a4%25b6-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%258d https://laxyanews.com/national/%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a0-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%b8%e0%a5%8d/#respond Thu, 16 Jan 2025 03:18:47 +0000 https://laxyanews.com/?p=49665  

जगत गुरु जोशीमठ पीठाधीश्वर स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद महाराजजी 1008 ने सनातन कुंभ क्षेत्र में सनातन बोर्ड का गठन किया

उत्तराखंड-विदेश पर्यटन बड़ी खबर शिक्षा सामाजिक क्षेत्र के लिए
जोशीमठ पीठाधीश्वर पितृ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने समविद्या कुंभ क्षेत्र में सनातन बोर्ड का गठन किया

असमंजस, 14 जनवरी। महाकुंभ में 27 जनवरी को होने वाली धर्म संसद की बैठक से पहले ही ज्योतिर्मठ पीठ के शिष्य स्वामी मोक्षेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन संरक्षण परिषद सनातन बोर्ड का गठन किया है। इसके साथ ही काउंसिल में 54 सदस्यों के नाम भी बताए गए हैं। यही लोग सनातन देश में सनातन धर्म की रक्षा के लिए सरकारी नियंत्रण को मुक्त कराने के लिए भी प्रयास करेंगे।

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 इस बातचीत को और अधिक पढ़ें, राष्ट्रपति सचिवालय तक की कृपा करें 

12 जनवरी यानी रविवार को सनातन बोर्ड की ओर से सनातन धर्म संसद में परम धर्म की घोषणा की गई। जिसमें देश के अलग-अलग इंटरनैशनल से आए लोगों की जिम्मेदारियां बनाई गई हैं। सनातन धर्म की रक्षा के लिए 54 संप्रदाय वाली सनातन बोर्ड कार्य समिति के अनुसार जारी सूचना। जिसमें 36 प्रमुख धर्माचार्य और 18 विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी सदस्य
पं. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि सनातन बोर्ड में चार पं. इनके वंश में जग्गुरु रामानुजाचार्य, जग्गुरु निम्बार्काचार्य, जग्गुरु वल्लभाचार्य शामिल थे। इसके साथ ही इस बोर्ड में 13 बौद्धों के एक-एक प्रमुख भी शामिल हैं। राम जन्मभूमि ट्रस्ट और हनुमानगढ़ी मंदिर के प्रमुखों के साथ मंदिर, त्रिमाला धाम और उत्तराखंड के चारों धाम के प्रमुख भी शामिल होंगे। इसके साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोगियों को भी सनातन बोर्ड में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया गया है./देश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहें ukpkg.com

बोर्ड में 36 प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं,
स्वामी मुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म संसद प्रस्ताव की शुरुआत की है। इस बोर्ड में 36 प्रमुख धार्मिक स्थलों के धर्माचार्य शामिल हैं, जबकि 18 विषय और धार्मिक स्थलों के धर्म विशेषज्ञ शामिल हैं। फ़्रांसीसी ने बताया कि अभी 54 एक साझीदार सनातन संरक्षण परिषद लोग कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि सनातन के नाम पर काम करने का दावा करने वाले बहुत से संस्थान हैं, जो स्वयं सनातन हिंदू धर्म के लिए काम करने वाले कोई भी संस्थान हैं, लेकिन सनातन धर्म की स्थापना नहीं हुई है। वह वेद शास्त्र के अनुसार अपने को पसंद नहीं करते। इस कारण से इन लोगों और गरीबों के प्रसिद्ध होने के बाद भी उन्हें इस परिषद में शामिल नहीं किया गया है।

सनातन बोर्ड को लेकर एरिना काउंसिल में धर्म संसद
अखिल भारतीय एरिना काउंसिल और प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदा ठाकुर की ओर से साझा रूप में 27 जनवरी को महाकुंभ में धर्म संसद करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही 27 जनवरी को उनके द्वारा होने वाली धर्म संसद में सनातन बोर्ड के गठन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई जिसके बाद उनके गठन की बात कही गई। जबकि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अभी सनातन बोर्ड के गठन की घोषणा की है, जिसमें कौन-कौन शामिल है, यह भी बताया गया है

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आज साहसी ज्ञान प्राप्त कर भी पत्रकार नहीं है कागज को काला करने वालों,चाटुकारिता करने वाले टीवी चैनलों  के  मजदूर संघों की भीड़ दिखाई देती है – जीतमणि पैन्यूली अखिल भारतीय वेब पोर्टल एसोसिएशन  देहरादून एवं IFSMN उत्तराखंड  https://laxyanews.com/national/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=%25e0%25a4%2586%25e0%25a4%259c-%25e0%25a4%25b8%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b9%25e0%25a4%25b8%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%259c%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%259e%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a8-%25e0%25a4%25aa%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25aa%25e0%25a5%258d%25e0%25a4%25a4-%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0 https://laxyanews.com/national/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0/#respond Wed, 25 Dec 2024 20:20:20 +0000 https://laxyanews.com/?p=49381
 देहरादून, आज साहसी ज्ञान प्राप्त कर भी पत्रकार नहीं है कागज को काला करने वालों,चाटुकारिता करने वाले टीवी चैनलों  के  मजदूर संघों की भीड़ दिखाई देती है  !
जिसे आंख होते हुए  वकीलों, बाल्मीकि भाइयों की  माँग के लिए एकत्रित होकर, काली  पट्टी बाँध कर धरना प्रदर्शन, मौन व्रत रख कर अपनी मांग  मनवाने  का काम करते नहीं दिखाई देता हैं  ! 350 पत्रकारों ने  कोरों ना  काल में  अपना बलिदान दिया है
सरकार ने  सभी को  अनुग्रह राशि दी  और  पत्रकारों के  परिवारों  को उनके  हाल पर  छोड़ दिया था देश में किसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष, सदस्यों ने इस मांग को नहीं उठाया है य़ह हमारे शरीर  ,ज़मीर में  खून नहीं  पानी बहने  का समर्थन करते हैं!
देश में एक मात्र आपातकाल के समय 29 मई 2021 से5 जून 021 तक लिखवार गावं टिहरी बाँध प्रभावित प्रतापनगर  टिहरी जनपद में  काली  पट्टी बाँध कर धरना प्रदर्शन, मौन व्रत पहाड़ों की गूंज राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र,ukpkg.com न्यूज पोर्टल के  *संपादक  जीत मणि पैन्यूली ने रख कर  आंदोलन किया* *पहाड़ों की गूंज राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र,ukpkg.com न्यूज पोर्टल*  में   य़ह खबर प्रकाशित  हुई थी!य़ह प्रकाशित खबर *प्रेस  को संवैधानिक अधिकार देने की खबर का  संज्ञान माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर 2021 में लेते हुए 23 नवंबर 2021 को मा oराष्ट्रपति  को कार्यवाही करने के लिए  भेजा है*  9,10 दिसंबर 2021 को मा o प्रधानमंत्री श्री  मोदी जी ने देश का सच अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा  बुलाये गये 110 राष्ट्र अध्यक्ष के वर्चुअल सम्मेलन में कहा कि प्रेस को मजबूत करने के लिए उनको और अधिकार  देना चाहते हैं!सुप्रीम कोर्ट के पत्र पर कार्यवाही कर रहे हैं का पत्र राष्ट्रपति सचिवालय कार्यालय के  श्री  गौतम कुमार अवर सचिव  के  हा o से भेजा है!आपको जीती हुई बाजी हासिल करने के लिए अपनी आवाज  अपने स्तर से प्रकाशित कीजिए  और यदि आपके अखबार के  मालिक ,टीवी चैनल आप की मांग प्रकाशित नहीं करते हैं तो आपको सपरिवार  26 फरवरी 2025 को महाकुंभ स्नान,एवं ऑल इंडिया वेब पोर्टल एसोसिएशन  के सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए  प्रयाग राज महाकुंभ  मोरी मार्ग की  दक्षिण पट्टी  ज्योर्तिमठ के आदि शंकराचार्य जी के कुम्भ आश्रम शिविर में आने की कृपा कीजिये  और एक  लाइन का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार ,राष्ट्रपति  जी को भेजने का काम कीजिए ! सादर  प्रार्थी    जीत मणि पैन्यूली  अध्यक्ष एवं संयोजक अखिल भारतीय वेब पोर्टल एसोसिएशन  देहरादून एवं IFSMN उत्तराखंड

 

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