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हरिद्वार में बोले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जो भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा

केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाणपत्र भी सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घुसपैठ, विकास कार्यों और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जो भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हर निर्णय में नकारात्मकता ढूंढते हैं, जबकि केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है और यह कानून सामाजिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।

अमित शाह ने राज्य में केंद्र सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में चारधाम परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिला है।

कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों—शैलेष, जसपाल परमार, दुर्गा लाली राजपूत और हसेरी बाई समेत पांच लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच पुलिस कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लगभग 1100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में हाल ही में नियुक्त हुए करीब 2000 पुलिस कर्मियों ने भी भाग लिया और गृहमंत्री का स्वागत किया।

प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न कानूनों और विकास कार्यों की झलक प्रस्तुत की गई। इनमें समान नागरिक संहिता, नकलरोधी कानून, धर्मांतरण रोकथाम कानून और अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को प्रमुखता से दर्शाया गया।

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